कांकेर, 12 मार्च। जिले में गिरते भू-जल स्तर को रोकने और गांवों को जल आत्मनिर्भर बनाने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। जिले में 3,443 जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें मुख्य रूप से कंटूर ट्रेंच, लूज बोल्डर, गैबियन, चेकडैम, सोक पिट और डबरी शामिल हैं। इनका उद्देश्य बारिश के पानी को अधिकतम मात्रा में रोककर भू-जल स्तर बढ़ाना है।
जिपं सीईओ हरेश मंडावी ने बताया कि जिले में अब तक 58 कंटूर ट्रेंच प्रोजेक्ट के माध्यम से करीब 43,500 ट्रेंच खोदी जा चुकी हैं। कोकानपुर, आलबेड़ा, कापसी और धनेलीकन्हार ग्राम पंचायतों में काम प्रमुखता से किया गया है। योजना जीआईएस तकनीक के जरिए रिज टू वैली सिद्धांत पर तैयार की गई है, जिससे पहाड़ी से बहने वाला पानी घाटी तक पहुंचने से पहले ही संरचनाओं में रुक सके। पहाड़ियों पर ट्रेंच- पहाड़ी ढलानों पर समान ऊंचाई की रेखाओं में खोदी गई कंटूर ट्रेंच बारिश के पानी को रोककर जमीन में रिसने का मौका देती हैं।
जल संरक्षण के लिए पहाड़ियों पर कंटूर ट्रेंच का किया जा रहा निर्माण

















