सूरजपुर, 12 मार्च । कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशन में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा पॉलिटेक्निक कॉलेज सूरजपुर में स्टार्टअप एवं उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराना और उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के प्रबंधक अवधेष कुमार कुशवाहा ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान, छूट और नए उद्योग स्थापित करने की चरणबद्ध प्रक्रिया की जानकारी दी। चार्टर्ड एकाउंटेंट हिमांशु अग्रवाल ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत बैंक ऋण के माध्यम से उद्यम स्थापित करने की व्यावहारिक जानकारी साझा की।
चार्टर्ड एकाउंटेंट स्वयं गोयल ने लॉजिस्टिक नीति 2024-30 और छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के प्रमुख प्रावधानों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। वहीं चार्टर्ड एकाउंटेंट अरुण गुप्ता ने कहा कि नई सोच और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी युवा स्टार्टअप स्थापित कर अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकता है।
जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष कलवंत गोयल ने युवाओं से अपनी आवश्यकताओं और संभावनाओं को पहचानने की अपील करते हुए पशुधन उत्पाद आधारित उद्योगों को क्षेत्र में रोजगार का सशक्त माध्यम बताया। छत्तीसगढ़ चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि स्वरोजगार अपनाकर युवा न केवल स्वयं को सशक्त बना सकते हैं, बल्कि देश के सकल घरेलू उत्पाद में भी योगदान दे सकते हैं।
जिला अग्रणी प्रबंधक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सूरजपुर के आनंद मिंज ने बैंक ऋण से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में रौनक जैन (चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री), वेटनरी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के प्रबंधक जयसिंह राज, पॉलिटेक्निक कॉलेज के व्याख्याता विवेक मेहता, अवधेष कुमार, कृष्णा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता राहुल दुबे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य एन. योगेश ने किया।
















