रायगढ़, 04 अप्रैल । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में राजस्व संबंधी प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा के तहत गांव-गांव में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने रायगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत कोतरलिया में आयोजित राजस्व शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित किसानों एवं ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों का संचालन सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं परिणाममुखी होना चाहिए, ताकि आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन एवं व्यपवर्तन जैसे लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख त्रुटि सुधार से संबंधित आवेदनों का शिविर स्थल पर ही ऑनलाइन पंजीयन, सुनवाई एवं निराकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले प्रत्येक हितग्राही को सहज और सम्मानजनक वातावरण मिले तथा किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिविरों में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कोटवारों एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
राजस्व पखवाड़ा: शिविरों में त्वरित निराकरण से किसानों-ग्रामीणों को मिल रहा मौके पर समाधान


















