रायपुर।
पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी सेंट्रल ज़ोन के निर्देशन में “सूखे नशे के विरुद्ध
अभियान” के अंतर्गत निरंतर सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में
आदतन मादक पदार्थ कारोबारी अब्दुल जाफर उर्फ पिंकू के विरुद्ध कठोर निवारक
कार्यवाही करते हुए डिटेंशन ऑर्डर जारी कराया गया है। यह आदेश न्यायालय आयुक्त सह
निरुद्धकर्ता अधिकारी,
रायपुर
संभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़) , महादेव कावरे (IAS) के माध्यम से, मादक पदार्थ अवैध व्यापार निवारण
अधिनियम 1988
(PIT NDPS Act) के अंतर्गत
विधिवत पारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि थाना सिटी कोतवाली से आरोपी के आपराधिक
इतिहास, सतत संलिप्तता एवं समाज
पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर पुलिस
उपायुक्त, सेंट्रल जोन के माध्यम
से सक्षम प्राधिकारी को प्रेषित किया गया था।
प्रकरण में
उपलब्ध तथ्यों, साक्ष्यों एवं प्रस्तुत
प्रतिवेदन पर युक्तियुक्त सुनवाई उपरांत सक्षम न्यायालय द्वारा डिटेंशन ऑर्डर
पारित किया गया। आदेश के अनुसार आरोपी को तीन माह की अवधि हेतु केंद्रीय जेल
रायपुर में निरुद्ध किया जाना सुनिश्चित किया गया है, जिससे उसकी भविष्य में आपराधिक
गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके। आरोपी के विरुद्ध थाना सिटी
कोतवाली में NDPS एक्ट के तहत पूर्व से
प्रकरण पंजीबद्ध हैं एवं जांच में यह तथ्य स्थापित हुआ है कि वह लगातार मादक
पदार्थों के अवैध व्यापार में सक्रिय रहा है।
उसके
विरुद्ध की गई यह कार्यवाही केवल एक व्यक्ति तक सीमित न होकर नशा तस्करी के संगठित
नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान डिटेंशन ऑर्डर का
प्रभाव व्यापक है, विशेष रूप से वित्तीय
जांच (Financial
Investigation) के संदर्भ
में यह कार्यवाही अत्यंत महत्वपूर्ण है। आरोपी के निरुद्ध होने के पश्चात उसके
बैंक खातों, संपत्तियों, आय के स्रोतों एवं अवैध अर्जित धन
की गहन जांच करना अधिक प्रभावी हो जाता है, जिससे न
केवल उसके आर्थिक नेटवर्क को चिन्हित कर ध्वस्त किया जा सकता है, बल्कि अवैध रूप से अर्जित संपत्ति
को जब्त करने की प्रक्रिया भी सुदृढ़ होती है।















