महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए सिक्किम से एक विरोध प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया और इसे ‘कड़ी चेतावनी’ बताया। सिक्किम से जुड़े इस वीडियो को शेयर करते हुए किरेन रिजिजू ने लिखा, “कांग्रेस पार्टी के लिए कड़ी चेतावनी। देखिए, एक छोटे और खूबसूरत राज्य सिक्किम से संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के लिए कितना जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।”
किरेन रिजिजू ने एक अन्य पोस्ट में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “हम भारत की महिलाओं के लिए काम करते रहेंगे। विपक्ष ने इस ऐतिहासिक बिल का समर्थन नहीं किया, जो महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान के लिए काम जारी रखेगी।”
सरकार का कहना है कि यह बिल महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए जरूरी सुधार था, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक संतुलन और संघीय ढांचे पर असर डालने वाला कदम मानता है। वहीं दूसरी ओर संविधान का 131वां संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका और गिर गया। यह विधेयक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से लाया गया था।
कल शुक्रवार को लोकसभा में हुए इस अहम मतदान में विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 वोट इसके खिलाफ गए। इस नतीजे के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
एनडीए ने इंडिया ब्लॉक पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर इस ऐतिहासिक सुधार को रोकने की कोशिश की, जो महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए जरूरी था। वहीं विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसे संसद की सीटों के विस्तार और परिसीमन से जोड़ दिया गया है। उनका तर्क है कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों की संख्या बढ़ाने और नई सीमाएं तय करने से कुछ क्षेत्रों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है।
इस विधेयक में महिला आरक्षण के साथ-साथ लोकसभा की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी शामिल था। यह बदलाव 1971 की जनगणना के बाद से लंबित परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।














