केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी, और देश की जैव-अर्थव्यवस्था के 2047 तक एक ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है। आईआईटी रुड़की में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जीन से लेकर क्यूबिट तक, समुद्र की गहराइयों से लेकर अंतरिक्ष तक, पूर्ण-स्पेक्ट्रम तकनीकी क्षमता की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत का विकास पथ एक ऐसे सभ्यतागत लोकाचार पर आधारित है जो आर्थिक प्रगति को नैतिक मूल्यों के साथ एकीकृत करता है। सरकार की नीतिगत दिशा पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने 2024 में स्वीकृत बायोई3 नीति - अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी - के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 2014 में 10 अरब डॉलर से बढ़कर आज 165 अरब डॉलर से अधिक हो गई है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 300 अरब डॉलर तक पहुंचना है।












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