नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के भारत पहुंचने के बाद उनके पहले दृश्य ऑनलाइन सामने आए हैं। ये वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित संगठन के विरोध प्रदर्शन से पहले इन पर व्यापक चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में अभिजीत दिपके दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग के तुरंत बाद नजर आ रहे हैं। वह सफेद टी-शर्ट, काली हुडी और काली टोपी पहने हुए दिखाई दिए।
वीडियो में वह शांत और सुलझे हुए अंदाज में अपने आसपास मौजूद लोगों से बातचीत करते हुए दिख रहे हैं। उनके व्यवहार और उपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। दिपके के भारत पहुंचने के बाद यह दृश्य कुछ ही समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल गए। उनके समर्थकों ने भी इन वीडियो और तस्वीरों को बड़े पैमाने पर साझा किया, जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। कई लोगों ने उनके आगमन को आगामी जंतर-मंतर प्रदर्शन से जोड़कर देखा है।
लैंड करने के तुरंत बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों से प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन को किसी भी स्थिति में हिंसक या उग्र रूप नहीं दिया जाना चाहिए। अपने संदेश में उन्होंने लिखा, “लैंड किया। जंतर-मंतर पर आप सभी से मिलने का इंतज़ार रहेगा। एक किताब और हमारा तिरंगा ले जाना न भूलें। दया और शुक्रिया के तौर पर पुलिसवालों को फूल चढ़ाएं। हमें इस मूवमेंट को प्यार और शांति के साथ लीड करना है।” उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब जंतर-मंतर पर CJP द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर तैयारियां चल रही हैं।
प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस और प्रशासन सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पहले से ही अलर्ट मोड में हैं। जंतर-मंतर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे शांतिपूर्ण आंदोलन की शुरुआत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे एक राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी दिपके के बयान और उनकी अपील को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले संयम और शांति की अपील महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे भीड़ को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। वहीं, यह भी माना जा रहा है कि ऐसे बयान आंदोलन की दिशा और माहौल दोनों को प्रभावित करते हैं। फिलहाल अभिजीत दिपके के भारत आगमन और उनके पहले सार्वजनिक संदेश ने जंतर-मंतर पर होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन को सुर्खियों में ला दिया है। प्रशासन की निगरानी और समर्थकों की सक्रियता के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।








.jpg)








