अम्बिकापुर, 09 जुलाई। नगर निगम के सक्रिय पार्षद आलोक दुबे द्वारा सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा को सौंपे गए एक बेहद संवेदनशील और आंखें खोल देने वाले शिकायती पत्र के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। शहर की शांति व्यवस्था को संभावित खतरे से बचाने के लिए पुलिस बलों ने आज गुरुवार सुबह से ही गांधीनगर, कोतवाली और मणिपुर थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संवेदनशील इलाकों में बिना सत्यापन रह रहे बाहरी और संदिग्ध किरायेदारों की सघन जांच और भौतिक सत्यापन का एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है।
उल्लेखनीय है कि पार्षद आलोक दुबे ने पुलिस महानिरीक्षक को सौंपे अपने ज्ञापन में बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए थे। उन्होंने प्रामाणिक संदर्भ देते हुए बताया कि किस प्रकार झारखंड के धनबाद में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाला शातिर अपराधी शाबिर अहमद नाम बदलकर पिछले 13 वर्षों से मोमिनपुरा इलाके में न केवल छुपा हुआ था, बल्कि आराम से अपना व्यवसाय भी संचालित कर रहा था। इस गंभीर घटना का हवाला देते हुए उन्होंने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो बेहद शांत और सुरक्षित माना जाने वाला सरगुजा क्षेत्र बाहरी अपराधियों के लिए एक सुरक्षित चारागाह में तब्दील हो जाएगा। आईजी को सौंपे पत्र में इस बात पर गहरा सरोकार जताया गया है कि शहर के कई क्षेत्रों में मकान मालिक केवल मासिक किराए के लालच में बिना किसी पहचान पत्र, पूर्व इतिहास या पुलिस वेरिफिकेशन के बाहरी प्रांतों से आने वाले अज्ञात लोगों को छोटे-छोटे कमरों में पनाह दे रहे हैं, जो स्थानीय सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है।
पत्र में विशेष रूप से गांधीनगर थाना क्षेत्र के सुभाषनगर, डिगमा, भगवानपुर सहित कोतवाली क्षेत्र के मोमिनपुरा, नवागढ़, श्रीगढ़, बरेजपारा और रसूलपुर जैसे घने आउटर इलाकों को चिन्हित किया गया है। पत्र के अनुसार, पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भारी संख्या में संदिग्ध लोग, जिनके बांग्लादेशी नागरिक होने की भी प्रबल आशंका है, इन क्षेत्रों में आकर रह रहे हैं। ये लोग स्थानीय स्तर पर बाल खरीदने और उसके बदले छोटे बर्तन बेचने जैसे साधारण कार्यों की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कई बाहरी महिलाएं भी बिना किसी ठोस परिचय और वारिसानों के इन किराए के मकानों में निवास कर रही हैं, जिनकी वास्तविक जानकारी किसी भी जिम्मेदार प्रशासनिक विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
शिकायती पत्र में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि इन अनियंत्रित और असत्यापित किराएदारों की आड़ में शहर के बाहरी इलाकों में अवैध गांजा तस्करी, ब्राउन शुगर, कोरेक्स जैसी घातक नशीली दवाओं की बिक्री और देह व्यापार जैसे गंभीर सामाजिक व कानूनी अपराध तेजी से पनप रहे हैं। इस भयावह स्थिति को देखते हुए पार्षद ने चेतावनी दी थी कि यदि इन लोगों की पूरी शारीरिक और प्रशासनिक जांच नहीं की गई, तो शहर में फिरौती और संगठित अपराधों की एक नई और खतरनाक प्रथा शुरू हो सकती है।
इस अत्यंत संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा आईजी के निर्देश पर तीनों प्रमुख थानों की संयुक्त टीमों के साथ-साथ विशेष पुलिस दस्तों का गठन किया गया है। पुलिस की ये टीमें आज शहर के चिह्नित इलाकों में घर-घर जाकर किराएदारों का फिजिकली वेरिफिकेशन कर रही हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा मकान मालिकों को सख्त हिदायत दी जा रही है कि वे अपने यहां रहने वाले हर एक किराएदार का पूरा ब्योरा, उनके मूल निवास स्थान के थाने का आपराधिक रिकॉर्ड और पहचान पत्र तत्काल संबंधित थाने में जमा कराएं, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले मकान मालिकों के खिलाफ भी सख्त कानूनी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अम्बिकापुर में संदिग्ध किरायेदारों की सघन धरपकड़ और भौतिक सत्यापन अभियान शुरू

















