नीदरलैंड्स के बाद बुल्गारिया ने भी यूक्रेन को सैन्य मदद पर खड़े किए हाथ


विदेश 09 July 2026
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नीदरलैंड्स के बाद बुल्गारिया ने भी यूक्रेन को सैन्य मदद पर खड़े किए हाथ

 अंकारा/साेफिया, 09 जुलाई । यूक्रेन को सैन्य मदद देने के मुद्दे पर उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्य देश बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनके देश के सैन्य भंडार में अब यूक्रेन को भेजने के लिए अतिरिक्त हथियार और गोला-बारूद नहीं बचा है।

रूस के सरकारी टेलीविजन नेटवर्क रूस टुडे बताया कि तुर्किये के अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा कि बुल्गारिया अपनी क्षमता के अनुसार यूक्रेन को आर्थिक और तकनीकी सहायता देता रहेगा, लेकिन सेना के भंडार से अब और हथियार उपलब्ध कराना संभव नह है।

उन्हाेंने बताया कि बुल्गारिया अब तक यूक्रेन को 13 खेप सैन्य सामग्री भेज चुका है। हमारी सैन्य सहायता देने की क्षमता समाप्त हो चुकी है। हमारे पास यूक्रेन को देने के लिए अतिरिक्त हथियार या गोला-बारूद नहीं बचा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बुल्गारिया सैन्य उपकरणों की मरम्मत और तकनीकी सहयोग जारी रख सकता है।

इससे एक दिन पहले नीदरलैंड्स ने भी संकेत दिया था कि वह अपने सैन्य भंडार से सीधे हथियार भेजने की सीमा तक पहुंच चुका है। डच रक्षा मंत्री ने कहा कि देश ने पहले ही काफी सहायता प्रदान की है और अब अतिरिक्त सैन्य संसाधन उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

बुल्गारिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की नाटो देशों से अधिक वायु रक्षा प्रणालियां और इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध कराने की अपील कर रहे हैं।

रादेव का बयान बुल्गारिया के रक्षा मंत्री दिमितार स्टोयानोव की उस नीति की भी पुष्टि करता है, जिसमें कहा गया था कि देश अब यूक्रेन को हथियार भेजना बंद करेगा। उनका तर्क है कि इस संघर्ष का स्थायी समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि पिछली सरकार के दौरान बुल्गारिया यूक्रेन को सोवियत-मानक वाले हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक बन गया था। अधिकारियों के अनुसार संघर्ष के पहले वर्ष के दौरान यूक्रेन द्वारा इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद में लगभग एक-तिहाई बुल्गारियाई गोले थे।

रादेव जिनकी प्रोग्रेसिव बुल्गारिया पार्टी ने अप्रैल में संसदीय चुनाव जीता था, लंबे समय से यूक्रेन संघर्ष पर ब्रुसेल्स के रुख का विरोध करते रहे हैं। वर्ष 2022 और 2025 के बीच राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने रूसी ऊर्जा पर प्रतिबंधों की आलोचना की, कीव को बुल्गारियाई बख्तरबंद वाहन भेजने के प्रस्ताव को रोका और बार-बार बातचीत के जरिए समाधान की मांग की। मॉस्को ने बार-बार कीव को दी जा रही पश्चिमी सैन्य मदद की आलोचना की है। उसका तर्क है कि इससे बातचीत के ज़रिए समाधान की संभावना कम हो जाती है और लड़ाई का नतीजा बदले बिना संघर्ष लंबा खिंचता है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को कहा था कि ज़ेलेंस्की यूक्रेनी सैनिकों को डोनबास से पीछे हटने का आदेश देकर रूस के साथ चल रहे संघर्ष को एक ही दिन में खत्म कर सकते हैं।अंकारा/साेफिया, 09 जुलाई (हि.स.)। यूक्रेन को सैन्य मदद देने के मुद्दे पर उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्य देश बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनके देश के सैन्य भंडार में अब यूक्रेन को भेजने के लिए अतिरिक्त हथियार और गोला-बारूद नहीं बचा है।

रूस के सरकारी टेलीविजन नेटवर्क रूस टुडे बताया कि तुर्किये के अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा कि बुल्गारिया अपनी क्षमता के अनुसार यूक्रेन को आर्थिक और तकनीकी सहायता देता रहेगा, लेकिन सेना के भंडार से अब और हथियार उपलब्ध कराना संभव नह है।

उन्हाेंने बताया कि बुल्गारिया अब तक यूक्रेन को 13 खेप सैन्य सामग्री भेज चुका है। हमारी सैन्य सहायता देने की क्षमता समाप्त हो चुकी है। हमारे पास यूक्रेन को देने के लिए अतिरिक्त हथियार या गोला-बारूद नहीं बचा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बुल्गारिया सैन्य उपकरणों की मरम्मत और तकनीकी सहयोग जारी रख सकता है।

इससे एक दिन पहले नीदरलैंड्स ने भी संकेत दिया था कि वह अपने सैन्य भंडार से सीधे हथियार भेजने की सीमा तक पहुंच चुका है। डच रक्षा मंत्री ने कहा कि देश ने पहले ही काफी सहायता प्रदान की है और अब अतिरिक्त सैन्य संसाधन उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

बुल्गारिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की नाटो देशों से अधिक वायु रक्षा प्रणालियां और इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध कराने की अपील कर रहे हैं।

रादेव का बयान बुल्गारिया के रक्षा मंत्री दिमितार स्टोयानोव की उस नीति की भी पुष्टि करता है, जिसमें कहा गया था कि देश अब यूक्रेन को हथियार भेजना बंद करेगा। उनका तर्क है कि इस संघर्ष का स्थायी समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि पिछली सरकार के दौरान बुल्गारिया यूक्रेन को सोवियत-मानक वाले हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक बन गया था। अधिकारियों के अनुसार संघर्ष के पहले वर्ष के दौरान यूक्रेन द्वारा इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद में लगभग एक-तिहाई बुल्गारियाई गोले थे।

रादेव जिनकी प्रोग्रेसिव बुल्गारिया पार्टी ने अप्रैल में संसदीय चुनाव जीता था, लंबे समय से यूक्रेन संघर्ष पर ब्रुसेल्स के रुख का विरोध करते रहे हैं। वर्ष 2022 और 2025 के बीच राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने रूसी ऊर्जा पर प्रतिबंधों की आलोचना की, कीव को बुल्गारियाई बख्तरबंद वाहन भेजने के प्रस्ताव को रोका और बार-बार बातचीत के जरिए समाधान की मांग की। मॉस्को ने बार-बार कीव को दी जा रही पश्चिमी सैन्य मदद की आलोचना की है। उसका तर्क है कि इससे बातचीत के ज़रिए समाधान की संभावना कम हो जाती है और लड़ाई का नतीजा बदले बिना संघर्ष लंबा खिंचता है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को कहा था कि ज़ेलेंस्की यूक्रेनी सैनिकों को डोनबास से पीछे हटने का आदेश देकर रूस के साथ चल रहे संघर्ष को एक ही दिन में खत्म कर सकते हैं।अंकारा/साेफिया, 09 जुलाई (हि.स.)। यूक्रेन को सैन्य मदद देने के मुद्दे पर उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्य देश बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनके देश के सैन्य भंडार में अब यूक्रेन को भेजने के लिए अतिरिक्त हथियार और गोला-बारूद नहीं बचा है।

रूस के सरकारी टेलीविजन नेटवर्क रूस टुडे बताया कि तुर्किये के अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा कि बुल्गारिया अपनी क्षमता के अनुसार यूक्रेन को आर्थिक और तकनीकी सहायता देता रहेगा, लेकिन सेना के भंडार से अब और हथियार उपलब्ध कराना संभव नह है।

उन्हाेंने बताया कि बुल्गारिया अब तक यूक्रेन को 13 खेप सैन्य सामग्री भेज चुका है। हमारी सैन्य सहायता देने की क्षमता समाप्त हो चुकी है। हमारे पास यूक्रेन को देने के लिए अतिरिक्त हथियार या गोला-बारूद नहीं बचा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बुल्गारिया सैन्य उपकरणों की मरम्मत और तकनीकी सहयोग जारी रख सकता है।

इससे एक दिन पहले नीदरलैंड्स ने भी संकेत दिया था कि वह अपने सैन्य भंडार से सीधे हथियार भेजने की सीमा तक पहुंच चुका है। डच रक्षा मंत्री ने कहा कि देश ने पहले ही काफी सहायता प्रदान की है और अब अतिरिक्त सैन्य संसाधन उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

बुल्गारिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की नाटो देशों से अधिक वायु रक्षा प्रणालियां और इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध कराने की अपील कर रहे हैं।

रादेव का बयान बुल्गारिया के रक्षा मंत्री दिमितार स्टोयानोव की उस नीति की भी पुष्टि करता है, जिसमें कहा गया था कि देश अब यूक्रेन को हथियार भेजना बंद करेगा। उनका तर्क है कि इस संघर्ष का स्थायी समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि पिछली सरकार के दौरान बुल्गारिया यूक्रेन को सोवियत-मानक वाले हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक बन गया था। अधिकारियों के अनुसार संघर्ष के पहले वर्ष के दौरान यूक्रेन द्वारा इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद में लगभग एक-तिहाई बुल्गारियाई गोले थे।

रादेव जिनकी प्रोग्रेसिव बुल्गारिया पार्टी ने अप्रैल में संसदीय चुनाव जीता था, लंबे समय से यूक्रेन संघर्ष पर ब्रुसेल्स के रुख का विरोध करते रहे हैं। वर्ष 2022 और 2025 के बीच राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने रूसी ऊर्जा पर प्रतिबंधों की आलोचना की, कीव को बुल्गारियाई बख्तरबंद वाहन भेजने के प्रस्ताव को रोका और बार-बार बातचीत के जरिए समाधान की मांग की। मॉस्को ने बार-बार कीव को दी जा रही पश्चिमी सैन्य मदद की आलोचना की है। उसका तर्क है कि इससे बातचीत के ज़रिए समाधान की संभावना कम हो जाती है और लड़ाई का नतीजा बदले बिना संघर्ष लंबा खिंचता है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को कहा था कि ज़ेलेंस्की यूक्रेनी सैनिकों को डोनबास से पीछे हटने का आदेश देकर रूस के साथ चल रहे संघर्ष को एक ही दिन में खत्म कर सकते हैं।

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