केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में बार-बार व्यवधान उत्पन्न करने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि संविधान उन्हें प्रश्न पूछने, विरोध करने और मतदान करने का अधिकार तो देता है,
लेकिन संसद को बाधित करने की अनुमति नहीं देता और न ही विपक्षी दलों को रिमोट कंट्रोल देता है जिससे वे अपनी राजनीतिक मांगों के स्वीकार न होने पर संसद को बंद कर सकें।
आज एक अंग्रेजी दैनिक में लेख लिखते हुए श्री रिजिजू ने कहा कि संसद भारत की जनता की है, न कि राजनीतिक दलों की। उन्होंने महत्वपूर्ण कानूनों पर चर्चा सहित सरकार की सहभागिता के उदाहरणों पर प्रकाश डाला और विपक्षी नेताओं पर संरचित बहस के वास्तविक प्रस्तावों को अस्वीकार करने का आरोप लगाया।

















