बिलासपुर में 68 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश, पुलिस ने 35 लाख रुपये ठगी से बचाए

post

बिलासपुर में 68 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश, पुलिस ने 35 लाख रुपये ठगी से बचाए

बिलासपुर, 25 अगस्त। साइबर ठगों ने एक 68 वर्षीय सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी देकर करीब 35 लाख रुपये की ठगी करने की कोशिश की।

ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग को वीडियो कॉल के जरिए डराया और डिजिटल अरेस्ट का झांसा दिया। हालांकि समय रहते मामले की जानकारी बिलासपुर पुलिस तक पहुंच गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग को ठगी का शिकार होने से बचा लिया। उनके खाते में जमा करीब 35 लाख रुपये भी सुरक्षित बच गए।

पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त को वरिष्ठ नागरिक के एक मित्र ने डीआईजी एवं एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी। बताया गया कि सरकंडा क्षेत्र के सीपत रोड निवासी 68 वर्षीय व्यक्ति को एक मोबाइल नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को सुनील कुमार गौतम, आईपीएस, बाराबंकी बताते हुए बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में फंसने की बात कही।

साइबर ठगों ने लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग पर दबाव बनाया। उन्हें कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट में रखने की धमकी दी गई। ठगों के झांसे में आकर बुजुर्ग ने अपने अलग-अलग बैंक खातों में जमा रकम को एक ही बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया। इस तरह करीब 35 लाख रुपये एक खाते में जमा हो गए।

इसके बाद साइबर ठग वीडियो मीटिंग के जरिए बैंक खाते में जमा पूरी रकम को किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर कराने या निकालने की तैयारी में थे। इसी दौरान घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंच गई।

एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने आज मंगलवार को बताया कि, एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर सरकंडा पुलिस बीते शाम मौके पर पहुंची और बुजुर्ग को ठगी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से रोका। पुलिस की समय पर कार्रवाई के कारण करीब 35 लाख रुपये की रकम सुरक्षित बच गई।

पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में नंबर के फ्रॉड गतिविधियों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। मामले की रिपोर्ट नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर भी दर्ज कराई गई है। पुलिस मोबाइल नंबर सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

बिलासपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा फोन या वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डराने पर घबराएं नहीं। किसी के कहने पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और न ही किसी खाते में रकम ट्रांसफर करें।

यदि साइबर ठगी का प्रयास हो या ठगी हो जाए तो तत्काल पुलिस को सूचना दें और साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

You might also like!