पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर भारत-फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया स्तंभ: प्रधानमंत्री मोदी


देश 07 September 2026
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पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर भारत-फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया स्तंभ: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस में भव्य स्वामीनारायण हिंदू मंदिर के लोकार्पण को भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों में नए युग का स्तंभ बताया। रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह अवसर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को साकार करता है। उन्होंने कहा कि BAPS स्वामीनारायण संस्था के माध्यम से दुनिया के अलग-अलग देशों में मंदिरों के निर्माण के साथ भारत के प्राचीन विचारों, आध्यात्मिक परंपराओं और मानवीय मूल्यों की पहुंच भी बढ़ रही है।

प्रमुख स्वामी महाराज को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर प्रमुख स्वामी महाराज का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज ने भारत के प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव के पुनर्जागरण का अभियान शुरू किया था, जिसका प्रकाश आज यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। उन्होंने 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण संतों की संकल्प शक्ति की निरंतरता का प्रमाण है।

भारत के विचार और मानवीय मूल्य भी पहुंचते हैं

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देशों में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ पहुंचते हैं। भारत का विचार ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ की भावना पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि हमारे मन समान हों और हमारे हृदय आपस में जुड़े हों। उन्होंने कहा कि पेरिस में बना यह भव्य मंदिर फ्रांस की विविधता को समृद्ध करने के साथ भारत-फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी नई ऊर्जा देगा।

भारत-फ्रांस संबंध नई ऊंचाइयों पर

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ दोनों देश स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में दोनों देश नई गति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2026 को भारत-फ्रांस ‘ईयर ऑफ इनोवेशन’ के रूप में भी मनाया जा रहा है।

भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास जीवित

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी पुराने सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की मजबूत नींव पर टिकी है। इतिहास में फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान की स्मृतियां आज भी जीवित हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में फ्रेंच विद्वानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमां रोलां की लेखनी ने दोनों समाजों को करीब लाने का काम किया। पेरिस से पुडुचेरी स्थित अरबिंदो आश्रम तक ‘द मदर’ की आध्यात्मिक यात्रा ने भारतीय और फ्रेंच साधकों को प्रेरित किया।

योग से भी मजबूत हुआ पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट

प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे और इस्कॉन के माध्यम से भारत-फ्रांस के आध्यात्मिक संबंधों का नया अध्याय शुरू हुआ। आज योग भी दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क का माध्यम बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एफिल टॉवर के सामने योग करते लोगों की तस्वीरें फ्रांस में इसकी लोकप्रियता का उदाहरण हैं। अब BAPS के स्वामीनारायण मंदिर के जरिए दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

‘मेड इन इंडिया, बिल्ट इन फ्रांस’

पीएम नरेंद्र मोदी ने पेरिस के स्वामीनारायण मंदिर को भारत-फ्रांस सहयोग का अनूठा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर ‘मेड इन इंडिया’ और ‘बिल्ट इन फ्रांस’ है। मंदिर में इस्तेमाल किए गए कई पत्थरों को भारत में तराशा गया है, जबकि फ्रांस की आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ भारत की प्राचीन प्रतिभा का मेल हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और नई संभावनाओं का प्रतीक बना रहेगा।

भक्ति के साथ सेवा का केंद्र बनेगा मंदिर

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामीनारायण मंदिर हमेशा भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम रहे हैं। उन्हें बताया गया है कि पेरिस का यह मंदिर भी विभिन्न सेवा प्रकल्पों का केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप के लोगों को मिलेगा।

भविष्य में मंदिर आने की जताई इच्छा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भविष्य में जब भी उन्हें समय मिलेगा, वह पेरिस के इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास जरूर करेंगे। उन्होंने लोकार्पण समारोह में शामिल सभी अतिथियों, परिवारों, हरि भक्तों और पूरी इंडियन डायस्पोरा को शुभारंभ पर्व की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन का समापन उन्होंने ‘मर्सी बोकू’ और ‘जय स्वामीनारायण’ के साथ किया। 

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