पुडुचेरी और उसके उपनगरीय इलाकों में रात भर भारी बारिश हुई और शुक्रवार को कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबर मिली।
एक रिलीज़ में कहा गया कि बारिश को देखते हुए, शिक्षा मंत्री ए नमस्सिवयम ने पुडुचेरी और कराईकल इलाकों में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी की घोषणा की है।
आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान पुडुचेरी और उसके उपनगरों में 9.6 सेमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कराईकल क्षेत्र में 4 सेमी बारिश दर्ज की गई।लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा होने की आशंका है, जिससे आम लोगों की आवाजाही और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पुडुचेरी में बारिश के चलते मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। भारी बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने, यातायात धीमा पड़ने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। अभिभावकों से भी अपील की जा रही है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें। बारिश के दौरान वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने, जलभराव वाली सड़कों से बचने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। वहीं, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है। लगातार बारिश का असर स्थानीय बाजारों, व्यावसायिक गतिविधियों और सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ सकता है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जाती है। प्रशासन की ओर से बारिश और संभावित जलभराव से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और उसके प्रभाव को लेकर आगे की स्थिति मौसम के पूर्वानुमान पर निर्भर करेगी। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। फिलहाल, पुडुचेरी में भारी बारिश के बीच स्कूलों में छुट्टी का फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौसम सामान्य होने के बाद ही शैक्षणिक गतिविधियों को फिर से सुचारु रूप से शुरू करने को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।













