स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने उन कस्टमर्स को अलग-अलग बताया है जिनका पर्सनल डेटा हाल ही में एक संदिग्ध साइबर घटना में पहचाना गया था, और उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनके अकाउंट बैलेंस और फंड सुरक्षित हैं। कल जारी एक बयान में, देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर लेंडर ने कहा, प्रभावित कस्टमर्स को सूचित कर दिया गया है। बैंक ने कस्टमर्स को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग तरीकों का पालन करने और संदिग्ध कॉल, मैसेज और ईमेल से सावधान रहने की भी सलाह दी। SBI ने इस महीने की 16 तारीख को अपने थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर, डिफेंस साइबर एजेंसी और इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर संदिग्ध कस्टमर डेटा एक्सपोज़र के बारे में अलर्ट मिलने के बाद एक डिटेल्ड जांच शुरू की।
करीब तीन लाख 75 हज़ार रिकॉर्ड के शुरुआती एनालिसिस में 3,897 कस्टमर रिकॉर्ड की पहचान हुई, जिनमें पर्सनल जानकारी थी। खबर है कि इस जानकारी में नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस, जन्म की तारीख और घर का पता शामिल था। बैंक ने तुरंत अपने साइबर इंसिडेंट रिस्पॉन्स और रोकथाम के उपाय शुरू कर दिए। इसने घटना का पता लगाने और संदिग्ध डेटा एक्सपोज़र की प्रकृति और सीमा का पता लगाने के लिए CERT-In द्वारा पैनल में शामिल एक इंडिपेंडेंट साइबर सिक्योरिटी एजेंसी को भी नियुक्त किया।
SBI ने साफ़ किया कि इस घटना का उसके बिज़नेस ऑपरेशन, फ़ाइनेंशियल परफ़ॉर्मेंस या कंटिन्यूटी पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। उसने कहा कि उसकी कोर बैंकिंग सर्विस बिना किसी रुकावट के नॉर्मल तरीके से काम कर रही हैं। बैंक ने कस्टमर्स से कहा है कि वे कभी भी अपने वन-टाइम पासवर्ड, PIN या बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें और बिना पूछे मैसेज का जवाब देते समय सावधानी बरतें।
















