इसरो के PSLV-C62 मिशन में आज सुबह लॉन्च के बाद रॉकेट के तीसरे चरण (थर्ड स्टेज) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। इसरो चेयरमैन वी. नारायणन ने बताया कि इस गड़बड़ी के चलते मिशन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे नहीं बढ़ पाया और फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
PSLV-C62 रॉकेट सुबह 10:17 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से उड़ान भरा था। इस मिशन का उद्देश्य EOS-N1 (अन्वेषा) पृथ्वी अवलोकन उपग्रह और 15 अन्य सह-यात्री उपग्रहों को सन-सिंक्रोनस कक्षा में स्थापित करना था।
लॉन्च के बाद मीडिया से बात करते हुए इसरो चेयरमैन ने कहा कि रॉकेट ने तीसरे चरण तक बिल्कुल सही काम किया, लेकिन थर्ड स्टेज के अंत में रॉकेट के रास्ते (फ्लाइट पाथ) में गड़बड़ी और विचलन देखा गया, जिसके कारण मिशन आगे नहीं बढ़ सका।
उन्होंने कहा कि इसरो की टीम सभी ग्राउंड स्टेशनों से मिले डेटा का विश्लेषण कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की जानकारी दी जाएगी।
इसरो ने बताया कि PSLV चार चरणों वाला रॉकेट है —
पहला चरण (सॉलिड), दूसरा (लिक्विड), तीसरा (सॉलिड) और चौथा (लिक्विड)। तीसरे चरण के अंत में ही समस्या सामने आई।
गौरतलब है कि PSLV-C61 मिशन (मई 2025) में भी तीसरे चरण में तकनीकी गड़बड़ी आई थी, जिसके चलते EOS-09 उपग्रह अपने तय ऑर्बिट तक नहीं पहुंच पाया था।
PSLV-C62 मिशन 2026 का पहला लॉन्च और PSLV की 64वीं उड़ान थी। यह NSIL का 9वां व्यावसायिक मिशन भी था।

















