Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) ने Google Chrome ब्राउज़र को लेकर हाई-रिस्क सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। एजेंसी के अनुसार Chrome के कुछ पुराने वर्जन में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर हमलावर यूजर्स को निशाना बना सकते हैं।
Chrome दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला वेब ब्राउज़र है, इसलिए साइबर अपराधियों की नजर भी अक्सर इसी पर रहती है। अलर्ट में कहा गया है कि यदि कोई यूजर Windows या Mac पर Chrome का 145.0.7632.116/117 से पुराना वर्जन या Linux पर 145.0.7632.116 से पुराना वर्जन इस्तेमाल कर रहा है, तो उसका सिस्टम खतरे में हो सकता है।
इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हैकर्स Remote Code Execution कर सकते हैं। इसका मतलब है कि हमलावर दूर बैठकर ही आपके सिस्टम में घुस सकते हैं। एक बार एक्सेस मिल जाने पर वे आपके डिवाइस से डेटा चोरी कर सकते हैं और अन्य सिस्टम पर भी हमला कर सकते हैं।
यूजर्स क्या करें?
CERT-In ने सलाह दी है कि जिन लोगों के सिस्टम में Chrome का पुराना वर्जन है, वे तुरंत ब्राउज़र को अपडेट करें। Google ने इन सुरक्षा खामियों को ठीक करने के लिए नया सिक्योरिटी पैच जारी कर दिया है। लेटेस्ट अपडेट इंस्टॉल करने से साइबर हमलों का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
ऐप्स और सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेट रखें
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यूजर्स को अपने लैपटॉप, कंप्यूटर और स्मार्टफोन में मौजूद सभी ऐप्स और सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट करते रहना चाहिए। अपडेट से न सिर्फ नए फीचर्स मिलते हैं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ी खामियां भी दूर हो जाती हैं और डिवाइस को हैकिंग से बचाया जा सकता है।


















