ईरान और ओमान ने मस्कट में की होर्मुज़ पर संयुक्त समिति की पहली बैठक


विदेश 29 June 2026
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ईरान और ओमान ने मस्कट में की होर्मुज़ पर संयुक्त समिति की पहली बैठक

तेहरान, 29 जून । ईरान और ओमान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े मौजूदा मुद्दों और इसके भविष्य के प्रबंधन पर चर्चा के लिए गठित संयुक्त समिति की पहली बैठक आयोजित की। ईरान के कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी।

मस्कट में आयोजित इस बैठक में ओमान के विदेश मामलों के राज्य मंत्री अब्दुल अज़ीज़ अल-हिनाई और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई तथा इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-5 के तहत जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन, समुद्री प्रशासन और तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

काज़ेम ग़रीबाबादी ने बताया कि अनुच्छेद-5 के अनुसार ईरान व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप जलमार्ग के भविष्य के प्रशासन, समुद्री सेवाओं के प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में ओमान के साथ समन्वय बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में खाड़ी क्षेत्र के अन्य तटीय देशों से भी आवश्यक परामर्श किया जाएगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रभावी और सुरक्षित प्रबंधन के लिए ईरान की भागीदारी आवश्यक है। उनके अनुसार, किसी भी दीर्घकालिक और विश्वसनीय व्यवस्था का आधार इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन तथा तटीय देशों के संप्रभु अधिकार होने चाहिए।

इससे एक दिन पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी कहा था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी ईरान की है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से तेहरान की योजनाओं में हस्तक्षेप नहीं करने तथा पूर्व में हुए समझौतों का सम्मान करने की अपील की थी।

उल्लेखनीय है कि यह संयुक्त समिति ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ की हालिया मस्कट यात्रा के बाद गठित की गई थी। बैठक के बाद दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए सुरक्षित, खुला और सुचारु बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही भविष्य में शिपिंग, समुद्री सेवाओं और संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं के क्षेत्र में आपसी सहयोग और समन्वय को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

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