अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आया है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो पिछले पांच सप्ताह का सबसे ऊंचा स्तर है।
बाजार खुलने के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.55 प्रतिशत बढ़कर 91.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84.64 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। रिपोर्ट लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड लगभग 92.01 डॉलर और WTI करीब 85.21 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
इस तेजी की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने लगातार 11वीं रात ईरान में सैन्य ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों, विमान हैंगर, समुद्री क्षमताओं और सैन्य लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है।
वैश्विक तेल बाजार पर तीन बड़े संकट एक साथ असर डाल रहे हैं—हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में समुद्री नाकेबंदी की चेतावनी, और यूक्रेन-रूस संघर्ष के कारण काला सागर स्थित कैस्पियन निर्यात केंद्र का प्रभावित होना, जिससे कज़ाखस्तान के लगभग 16 लाख बैरल प्रतिदिन तेल निर्यात पर असर पड़ा है।

















