प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत श्लोक के जरिए दिया सुखी जीवन का मंत्र


देश 25 August 2026
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प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत श्लोक के जरिए दिया सुखी जीवन का मंत्र

नई दिल्ली, 25 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को एक प्रेरणादायक सुभाषित साझा किया। उन्होंने संस्कृत श्लोक के माध्यम से अच्छी संगति, विद्वानों के साथ संवाद और निःस्वार्थ लोगों से मित्रता के महत्व को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "उत्तमैः सह साङ्गत्यं पण्डितैः सह सत्कथाम्। अलुब्धैः सह मित्रत्वं कुर्वाणो नावसीदति ॥ इसका अर्थ है, उत्तम व्यक्तियों की संगति, विद्वानों के साथ सत्संवाद तथा निःस्वार्थ और निर्लोभी व्यक्तियों के साथ मित्रता करने वाला व्यक्ति कभी दुःखी नहीं होता।"

इससे एक दिन पहले सोमवार को प्रधानमंत्री ने एक्स पर सुभाषित साझा करते हुए लिखा था, “करुणा से आत्म-सम्मान और संतोष से सच्ची खुशी मिलती है। इसी भाव से समाज में सहयोग और सद्भाव की डोर और सशक्त होती है।”

प्रधानमंत्री ने संस्कृत श्लोक, “कारुण्येनात्मनो मानं तृष्णां च परितोषतः। उत्थानेन जयेत्तन्द्रीं वितर्कं निश्चयाज्जयेत्॥” भी साझा किया था। इसका हिंदी अर्थ है कि दूसरों के प्रति करुणा का भाव रखने से आत्म-सम्मान प्राप्त होता है और संतोषी होने से तृष्णा पर विजय मिलती है। पुरुषार्थ द्वारा आलस्य और वितर्क अर्थात आधारहीन आशंकाओं पर निश्चय ही विजय प्राप्त करें।

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