कोयला मंत्रालय का कहना है कि तारा कोयला ब्लॉक की संशोधित नीलामी से संबंधित रिपोर्टें भ्रामक हैं।


देश 11 September 2026
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कोयला मंत्रालय का कहना है कि तारा कोयला ब्लॉक की संशोधित नीलामी से संबंधित रिपोर्टें भ्रामक हैं।

कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि तारा कोयला ब्लॉक की संशोधित नीलामी से संबंधित हालिया रिपोर्टें भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से अपूर्ण हैं। मंत्रालय ने कहा कि इन रिपोर्टों में 2023 के बाद हुए महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को ध्यान में नहीं रखा गया है, जिसके परिणामस्वरूप अंततः 2026 में तारा (संशोधित) कोयला ब्लॉक की नीलामी हुई। मंत्रालय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हसदेव अरंड क्षेत्र के कोयला ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने संबंधी चिंताओं पर विचार करने के बाद जुलाई 2023 में इस कोयला ब्लॉक को नीलामी से बाहर कर दिया गया था।

राज्य सरकार के 11 दिसंबर 2025 के पत्र और केंद्रीय खान योजना एवं डिजाइन संस्थान लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल) द्वारा ब्लॉक की सीमा में संशोधन के बाद ही इस कोयला ब्लॉक की नीलामी पर दोबारा विचार किया गया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस कोयला ब्लॉक के लिए 9 बोलियां प्राप्त हुई हैं और राजस्व हिस्सेदारी 37.50 प्रतिशत पर नीलाम की गई है। मंत्रालय ने आगे कहा कि इस कोयला ब्लॉक से राज्य को प्रति वर्ष 120 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होने और 8000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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