यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस सप्ताह कनाडा को यूरोपीय संघ (EU) का पहला ‘सहयोगी सदस्य’ (Associate Member) बनाने की संभावना का प्रस्ताव रखा। इससे कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को उम्मीद जगी है, लेकिन फिलहाल यूरोपीय संघ में ऐसा कोई औपचारिक सदस्यता दर्जा मौजूद नहीं है।
यूरोपीय संघ के साथ व्यापार और राजनीतिक संबंध मजबूत करने या पूर्ण सदस्यता की दिशा में आगे बढ़ने के कई रास्ते मौजूद हैं, लेकिन ‘सहयोगी सदस्यता’ उनमें शामिल नहीं है। हालांकि, वॉन डेर लेयेन के प्रस्ताव ने कनाडा और EU के बीच संबंधों को और गहरा करने की संभावना जरूर सामने रखी है।
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब कनाडा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापार विवाद में उलझा हुआ है। दूसरी ओर, अमेरिका के साथ EU के पुराने संबंधों और भरोसे में भी बदलाव आया है।
वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को कहा कि मौजूदा बदलती दुनिया में साझेदारियों को नए तरीके से देखने की जरूरत है। उन्होंने कार्नी से कहा कि वह कनाडा को EU का पहला सहयोगी सदस्य बनाने की दिशा में उनके साथ काम करना चाहती हैं।
‘सहयोगी सदस्यता’ की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं
‘सहयोगी सदस्यता’ की कोई तय व्यवस्था फिलहाल EU में मौजूद नहीं है। हालांकि, EU के पास साझेदारी समझौते (Association Agreements) की व्यवस्था है। अल्बानिया से लेकर इजरायल और यूक्रेन तक 20 से अधिक देशों के EU के साथ ऐसे समझौते हैं।
इन समझौतों में व्यापार और सुरक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों का ढांचा तय किया जाता है और इन्हें कई मामलों में EU की सदस्यता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वॉन डेर लेयेन द्वारा प्रस्तावित ‘सहयोगी सदस्यता’ इन समझौतों से किस तरह अलग होगी या कनाडा को पहले ऐसा कोई समझौता करना होगा या नहीं।
प्रस्ताव पर सभी 27 देशों की सहमति जरूरी
EU का विस्तार और बाहरी देशों के साथ औपचारिक संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों के लिए सभी 27 सदस्य देशों की सर्वसम्मति जरूरी होती है। वॉन डेर लेयेन ने यह प्रस्ताव रखने से पहले सभी सदस्य देशों के साथ व्यापक चर्चा नहीं की थी।
जर्मनी ने कनाडा के साथ संबंध मजबूत करने की संभावना का स्वागत किया, लेकिन प्रस्ताव के नाम को लेकर कुछ आपत्ति जताई। जर्मन सरकार के प्रवक्ता स्टीफन कॉर्नेलियस ने कहा कि बर्लिन नए साझेदारी मॉडल पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इस नए संबंध को दिए जाने वाले नाम पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।
आयरलैंड की विदेश और व्यापार मंत्री हेलेन मैकएन्टी ने कहा कि उनका देश कनाडा के लिए सहयोगी सदस्यता की संभावना तलाशने के लिए तैयार है। वहीं, यूरोपीय संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष डेविड मैकएलिस्टर ने कहा कि प्रस्ताव की वास्तविक शर्तों का सावधानी से आकलन किया जाना जरूरी है।
कनाडा ने प्रस्ताव का स्वागत किया
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया, हालांकि उन्होंने कहा कि इस नई साझेदारी का स्वरूप अभी तय किया जाना बाकी है।
यूरोपीय संसद में गुरुवार को कार्नी ने कहा कि कनाडा और EU को इस नए गठबंधन की व्यापक रूपरेखा तय करनी होगी। उन्होंने 29-30 अक्टूबर को मॉन्ट्रियल में होने वाले EU-कनाडा शिखर सम्मेलन को इस दिशा में बातचीत शुरू करने के लिए उपयुक्त अवसर बताया।
कार्नी ने स्पष्ट किया कि कनाडा EU का पूर्ण सदस्य बनने की स्थिति में नहीं है और न ही वह ऐसा चाहता है। उन्होंने कहा कि साझेदारी के नाम से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि दोनों पक्ष वास्तव में क्या तैयार करते हैं और किस तरह अपनी ताकत का इस्तेमाल अपने नागरिकों के हित और आर्थिक समृद्धि के लिए करते हैं।
ट्रंप ने दी व्यापार प्रतिबंध बढ़ाने की चेतावनी
कनाडा और EU के बीच प्रस्तावित नई साझेदारी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी प्रतिक्रिया आई। उन्होंने संकेत दिया कि कनाडा को EU का सहयोगी सदस्य बनाने की कोशिश को अमेरिका के खिलाफ कदम माना जा सकता है और इसके जवाब में यूरोपीय संघ पर अतिरिक्त व्यापार प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
ट्रंप ने कहा कि अगर यूरोपीय नेताओं की मंशा अच्छी है तो यह अलग बात है, लेकिन अगर उनकी मंशा खराब है तो अमेरिका यूरोप पर बहुत भारी शुल्क लगा सकता है।
कार्नी ने कहा कि EU के साथ कनाडा के संबंधों को मजबूत करने का उद्देश्य किसी नए शक्ति समूह को अमेरिका के खिलाफ खड़ा करना नहीं है।
यूरोपीय नीति केंद्र के मुख्य कार्यकारी फैबियन जुलेग के अनुसार, ट्रंप की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि EU-कनाडा साझेदारी महत्वपूर्ण है। हालांकि, उन्होंने भी कहा कि इस संबंध का नाम तय करने से ज्यादा जरूरी इसकी ठोस रूपरेखा और वास्तविक सहयोग है।

















