भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन टीम में शामिल होने के बाद अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका हर किसी को नहीं मिल पाता। कई खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जिन्हें टीम इंडिया की जर्सी पहनकर वनडे क्रिकेट में पदार्पण करने का अवसर तो मिला, लेकिन वे अपने करियर में केवल एक ही वनडे मुकाबला खेल सके। इसके बाद उन्हें दोबारा भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। ऐसे खिलाड़ियों की सूची में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिनके पास घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने का अनुभव था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें अपनी काबिलियत दिखाने के लिए पर्याप्त मौके नहीं मिले। इस सूची में सबसे पहले फैज फजल का नाम लिया जा सकता है। विदर्भ के इस बल्लेबाज ने वर्ष 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने अपने पहले ही मुकाबले में नाबाद 55 रन बनाए, लेकिन इसके बाद उन्हें दोबारा वनडे टीम में खेलने का अवसर नहीं मिला। इसी तरह परवेज रसूल को भी भारतीय वनडे टीम में केवल एक मुकाबला खेलने का मौका मिला। जम्मू-कश्मीर के इस ऑलराउंडर ने 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ अपना वनडे पदार्पण किया था। घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था, लेकिन वह टीम में अपनी जगह स्थायी नहीं बना सके। मनप्रीत गोनी का नाम भी इस चर्चा में शामिल किया जाता है। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलने वाले गोनी को 2008 में हांगकांग के खिलाफ वनडे में मौका मिला था, लेकिन वह भारतीय टीम के लिए केवल एक वनडे ही खेल सके। इसके अलावा संजय बांगर को भी सीमित वनडे अवसर मिले। हालांकि, उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूप शामिल रहे, इसलिए उन्हें केवल एक वनडे खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल करने से पहले उनके मैच रिकॉर्ड की पुष्टि जरूरी है। इसी तरह राहुल संघवी और कुछ अन्य खिलाड़ियों के नाम भी इस विषय पर चर्चा के दौरान सामने आते हैं, लेकिन सभी के वनडे मैचों की संख्या की आधिकारिक रिकॉर्ड से जांच करना आवश्यक है। भारतीय क्रिकेट में चयन, टीम संयोजन, खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा और उस समय की जरूरतें किसी खिलाड़ी के करियर को प्रभावित करती हैं। एक वनडे खेलने के बाद टीम से बाहर होना हमेशा खराब प्रदर्शन का संकेत नहीं होता। कई बार खिलाड़ियों को दोबारा मौका नहीं मिलता, जबकि कुछ खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन जारी रखते हैं। यही वजह है कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसे खिलाड़ियों की कहानियां आज भी चर्चा का विषय बनी रहती हैं।
Team India के 6 बदकिस्मत खिलाड़ी, सिर्फ 1 वनडे खेलकर हुए बाहर
















