अमेरिका के ओहायो में आयोजित एक राजनीतिक रैली के दौरान पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विवेक रामास्वामी को लेकर तंज कसा। इस टिप्पणी को अमेरिकी राजनीति में जारी बयानबाजी और चुनावी मुकाबले के संदर्भ में देखा जा रहा है। ओबामा अपने भाषणों में अक्सर रिपब्लिकन नेताओं की नीतियों और राजनीतिक दावों पर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, भारतीय मूल के अमेरिकी नेता विवेक रामास्वामी रिपब्लिकन पार्टी में अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ सरकारी खर्च, प्रशासनिक सुधार और अमेरिका की आर्थिक नीतियों को लेकर अपने विचार रखते रहे हैं। दोनों नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि और विचारधाराओं में अंतर होने के कारण इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाती हैं।
24 अक्टूबर 2026 को क्लीवलैंड में हुई इस रैली में ओबामा ने रामास्वामी के उस चुनावी विज्ञापन पर निशाना साधा, जिसमें उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एमी एक्टन की अलग रह रही मां डोना आर्थर दिखाई गई थीं। विज्ञापन में एक्टन के बचपन और उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़े दावों को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। एक्टन ने आरोप लगाया कि उनके प्रतिद्वंद्वी ने राजनीतिक लाभ के लिए उनके कठिन बचपन का इस्तेमाल किया है। ओबामा ने कहा कि सार्वजनिक पदों पर रहने वाले नेताओं से शालीनता और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने रामास्वामी पर राजनीतिक प्रचार के लिए मर्यादा पार करने का आरोप लगाया।
इस विवाद के बीच ओबामा ने राष्ट्रपति ट्रंप की आर्थिक और विदेश नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और ईरान युद्ध जैसे मुद्दों को उठाते हुए मतदाताओं से आगामी मध्यावधि चुनाव में सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की। यह रैली 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित की गई थी। इसमें ओबामा ने एमी एक्टन के साथ-साथ सीनेट के उम्मीदवार शेरोड ब्राउन के पक्ष में भी प्रचार किया। ओहायो में गवर्नर और सीनेट की सीटों के लिए मुकाबला राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिकी चुनावी राजनीति में व्यक्तिगत जीवन, राजनीतिक विज्ञापनों की सीमाओं और सार्वजनिक नेताओं के आचरण को लेकर बहस तेज कर दी है
















