वेदांता प्लांट हादसा: सीएम साय ने मुआवजे और जांच के दिए आदेश

post

वेदांता प्लांट हादसा: सीएम साय ने मुआवजे और जांच के दिए आदेश

रायपुर (वीएनएस)। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद हालात चिंताजनक बने हुए हैं। हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 35 से अधिक घायल श्रमिकों का अस्पतालों में इलाज जारी है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने मृत मजदूरों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।

सीएम ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों का समुचित और निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, इसकी सख्त हिदायत दी गई है।

जांच के आदेश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कमिश्नर को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने अनुविभागीय दंडाधिकारी, डभरा (जिला सक्ती) को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि हादसा कब और कैसे हुआ, उस समय कितने मजदूर काम कर रहे थे, किनकी मौत और कौन घायल हुए, और किन परिस्थितियों में यह घटना घटी।

इसके अलावा औद्योगिक सुरक्षा निरीक्षण, तकनीकी या मानवीय कारणों की भूमिका, जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान और भविष्य में ऐसे हादसों की रोकथाम के उपायों की भी जांच की जाएगी। जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे प्लांट के बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप के वॉटर सप्लाई जॉइंट में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते जोरदार विस्फोट हुआ। उस समय प्लांट में सैकड़ों मजदूर काम कर रहे थे।

विस्फोट इतना भीषण था कि करीब 50 से अधिक कर्मचारी झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।

पिछले 24 घंटों में घायलों में से कई की हालत बिगड़ने के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मामले में जांच जारी है और रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

You might also like!