बिजनेस: मिड-टियर IT सर्विसेज कंपनी कोफोर्ज ने कहा है कि उसे वित्त वर्ष 2027 (FY27) और उसके बाद भी मजबूत ऑर्गेनिक ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी का मानना है कि उसका मौजूदा विस्तार मुख्य रूप से इनऑर्गेनिक अधिग्रहणों पर नहीं, बल्कि ऑर्गेनिक ग्रोथ पर आधारित है। पिछले वर्ष दिसंबर में कंपनी ने सिलिकॉन-बेस्ड AI-नेटिव फर्म एनकोरा के अधिग्रहण की घोषणा की थी।
इसके बाद हाल ही में कंपनी ने सिग्निटी टेक्नोलॉजीज के अधिग्रहण के सफल समापन की भी आधिकारिक घोषणा की। इन अधिग्रहणों के जरिए कंपनी ने अपने तकनीकी पोर्टफोलियो और वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत किया है। DH को दिए एक बयान में कंपनी के CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुधीर सिंह ने कहा कि कोफोर्ज की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा ऑर्गेनिक रहा है। उन्होंने कहा, अगर आप पिछले साल को देखें, तो हमने 29.2 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की। अगर मैं एक्वायर्ड कंपनियों को हटा दूं, तब भी हमारी ग्रोथ 21 प्रतिशत से अधिक रही। इससे साफ है कि हमारी ज्यादातर ग्रोथ ऑर्गेनिक है।” कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Q4 FY26 में कोफोर्ज का रेवेन्यू 4,450.4 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल आधार पर 30 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 16,402.7 करोड़ रुपये रहा। यह INR के हिसाब से 35.9 प्रतिशत और USD के हिसाब से 29.2 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू 12,073.3 करोड़ रुपये था। AI-आधारित प्राइसिंग प्रेशर को लेकर पूछे गए सवाल पर CEO ने कहा कि यदि कोई प्रोजेक्ट एफिशिएंसी-बेस्ड RFP मॉडल पर आधारित है, तो वहां प्राइसिंग पर दबाव देखा जाता है। हालांकि, यदि प्रोजेक्ट ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशन पर आधारित होता है, तो उसमें प्राइसिंग पर लगभग कोई दबाव नहीं होता। विशेषज्ञों का मानना है कि AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के बढ़ते उपयोग से IT सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तो बढ़ी है, लेकिन साथ ही उच्च मूल्य वाले समाधान देने वाली कंपनियों के लिए नए अवसर भी पैदा हुए हैं। कोफोर्ज का फोकस अब AI, डिजिटल इंजीनियरिंग और ग्लोबल क्लाइंट ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स पर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी और मजबूत होने की उम्मीद है।





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