स्पोर्ट्स: कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) शुक्रवार को एक स्पेशल जनरल मीटिंग (SGM) आयोजित करने जा रहा है, जिसमें आगामी क्रिकेट संरचना से जुड़े अहम फैसलों पर मुहर लगाई जाएगी। इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा अगस्त में होने वाले महाराजा और महारानी T20 टूर्नामेंट के संचालन के लिए IPL की तर्ज पर गवर्निंग काउंसिल (GC) को आधिकारिक मंजूरी देना होगा। एसोसिएशन के बाय-लॉज़ के अनुसार, किसी भी फ्रेंचाइज़ आधारित T20 टूर्नामेंट के संचालन के लिए एक गवर्निंग काउंसिल का गठन अनिवार्य है, जो पूरे टूर्नामेंट के प्रबंधन, नियमों और संचालन की निगरानी करती है।
इसी प्रक्रिया के तहत KSCA इस बार भी एक नई गवर्निंग काउंसिल गठित करने जा रहा है। प्रस्तावित गवर्निंग काउंसिल में कुल सात सदस्य होंगे। इसमें दो पदेन (ex-officio) सदस्य शामिल होंगे—KSCA के मानद सचिव और मानद कोषाध्यक्ष। इसके अलावा, दो सदस्य SGM में जनरल बॉडी द्वारा चुने जाएंगे, जो एसोसिएशन के निर्णयों में प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके साथ ही एक सदस्य कर्नाटक क्रिकेटर्स एसोसिएशन द्वारा नामित किया जाएगा, जो खिलाड़ियों के हितों का प्रतिनिधित्व करेगा। एक अन्य सदस्य कर्नाटक के महालेखाकार (Accountant General) द्वारा नामित मैनेजिंग कमेटी का प्रतिनिधि होगा।
इसके अलावा KSCA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी इस गवर्निंग काउंसिल का हिस्सा होंगे। इस संरचना का उद्देश्य टूर्नामेंट के संचालन को अधिक पारदर्शी, पेशेवर और सुव्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है। KSCA के अनुसार, महाराजा और महारानी T20 टूर्नामेंट राज्य के घरेलू क्रिकेट को एक नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, और इसी कारण इसके प्रबंधन में एक मजबूत प्रशासनिक ढांचा जरूरी है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में न केवल गवर्निंग काउंसिल के गठन पर चर्चा होगी, बल्कि टूर्नामेंट के आयोजन, टीमों की भागीदारी, प्रसारण व्यवस्था और वित्तीय ढांचे से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। KSCA का मानना है कि IPL मॉडल की तरह एक स्थायी और मजबूत गवर्निंग बॉडी से टूर्नामेंट की गुणवत्ता में सुधार होगा और खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिलेगा। इससे राज्य में क्रिकेट के विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
















