मदिकेरी, 02 मई । केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कर्नाटक के मदिकेरी स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) प्रशिक्षण केंद्र का दौरा कर युवा हॉकी खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभाओं को पहचानने और निखारने पर जोर देते हुए भारत को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में इसे अहम बताया।
मांडविया ने विशेष रूप से कोडवा समुदाय की महिला हॉकी खिलाड़ियों से बातचीत की और उनकी प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोडगु जिला भारतीय हॉकी की मजबूत नींव रखने वाले क्षेत्रों में से एक रहा है। इस समुदाय से कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुके हैं।
खेल मंत्री ने कहा कि देश में खेलों के लिए व्यापक और मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसमें जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को आगे लाना प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और सही दिशा में प्रयासों से देश वैश्विक स्तर पर खेलों में मजबूत पहचान बना सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मांडविया ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें शानदार प्रदर्शन करेंगी।
मदिकेरी स्थित साई प्रशिक्षण केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस है और यहां युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह केंद्र देश के विभिन्न राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के लिए प्रतिभाएं तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मांडविया ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ये युवा खिलाड़ी भविष्य में भारत का नाम रोशन कर सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं।
खेल मंत्री मांडविया ने मदिकेरी में उभरते हॉकी खिलाड़ियों से की मुलाकात, बताया- ‘भविष्य के ओलंपियन’
















