भारतीय डाक विभाग द्वारा डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा के उन पॉलिसीधारकों को बड़ी राहत प्रदान की गई है, जिनकी पॉलिसियां किसी कारणवश लेप्स (निष्क्रिय) हो गई हैं। विभाग ने ऐसे ग्राहकों को अपनी पॉलिसियों को पुनः सक्रिय (रिवाइवल) कराने का विशेष अवसर उपलब्ध कराया है।
अधीक्षक डाक, रायगढ़ संभाग कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार डाक जीवन बीमा अधिनियम-2011 के नियमों के तहत लेप्स पॉलिसियों को पुनर्जीवित करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके लिए पॉलिसीधारकों को अपने अच्छे स्वास्थ्य का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। विभाग ने सभी ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने निकटतम डाकघर में संपर्क कर शीघ्र अपनी निष्क्रिय पॉलिसियों को पुनर्जीवित कराएं और बीमा सुरक्षा का लाभ निरंतर प्राप्त करते रहें।
डाक विभाग ने बताया कि डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजनाएं भारत सरकार की विश्वसनीयता और सुरक्षा की गारंटी के साथ संचालित होती हैं। इन योजनाओं में अन्य बीमा कंपनियों की तुलना में कम प्रीमियम, अधिक बोनस तथा आयकर छूट, ऋण सुविधा, नामांकन और सरेंडर जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभाग द्वारा डिजिटल भुगतान को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पॉलिसीधारक अपने प्रीमियम का भुगतान यूपीआई, क्यूकोड, पेटीएम, फोनपे, गुगल पे, भीमयूपीआई, बैंक खातों तथा डाकघर खातों के माध्यम से आसानी से कर सकते हैं। इसके अलावा देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है। डाक विभाग ने सभी ग्राहकों से नियमित रूप से प्रीमियम जमा कर अपनी पॉलिसियों को सक्रिय बनाए रखने का आग्रह किया है, ताकि बेहतर रिटर्न के साथ परिवार के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





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