रायगढ़, 12 जून । जिले में नेशनल हाईवे-49 के किनारे स्थित एक कोल डिपो में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। दर्रामुड़ा क्षेत्र के पास स्थित इस डिपो में हजारों टन कोयला भंडारित किया गया है, लेकिन कोयले के ढेर में आग लगने और लगातार धुआं उठने से आसपास का वातावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार डिपो में कई स्थानों पर कोयले के ढेर में आग लगी हुई है, जिससे लगातार धुआं निकल रहा है। इस कारण क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ गया है और आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोल डिपो में बाउंड्रीवॉल जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि लगभग दो एकड़ क्षेत्र में कोयले का बड़ा भंडार जमा किया गया है, जबकि क्षमता करीब 10 हजार टन तक सीमित बताई जाती है। वर्तमान स्थिति में यहां निर्धारित सीमा से अधिक कोयला डंप किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
डिपो के पास ही पेट्रोल पंप स्थित होने से स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है। तेज हवा या आंधी-तूफान की स्थिति में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं नेशनल हाईवे-49 पर कोल डस्ट फैलने से वाहन चालकों को भी भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कोयले के साथ-साथ भारी मात्रा में फ्लाई एश और छाई भी खुले में डंप की जा रही है। जहां से ट्रकों में लोडिंग होती है, वहीं पर यह सामग्री रखी जाती है, जिससे सुरक्षा और पर्यावरण को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह डिपो आमिर ट्रेडिंग कंपनी के नाम से लाइसेंस प्राप्त है, जिसे खनिज विभाग द्वारा अनुमति दी गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की ओर से नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता, जिसके कारण यहां मनमाने तरीके से संचालन किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बरसात के पहले अधिक मात्रा में कोयला स्टॉक किया जा रहा है, ताकि सप्लाई प्रभावित न हो। हालांकि मौजूदा स्थिति में सुरक्षा और पर्यावरण मानकों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
रायगढ़ में कोल डिपो में बड़ी लापरवाही: कोयले के ढेर में लगी आग


.jpg)












