जल जीवन मिशन (JJM) के तहत दो वर्षों से बकाया भुगतान नहीं मिलने से नाराज छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन शुक्रवार को विधानसभा का घेराव करेगा। एसोसिएशन का आरोप है कि सरकारी निर्माण विभागों की मनमानी के कारण कार्य पूरा होने के बावजूद ठेकेदारों के बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे प्रदेशभर के ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
एसोसिएशन के अनुसार लोक यांत्रिकीय विभाग के अंतर्गत ‘हर घर जल’ योजना में कार्य करने वाले ठेकेदारों का करीब 2200 करोड़ रुपये का भुगतान पिछले दो वर्षों से लंबित है। भुगतान नहीं मिलने से निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं और कई ठेकेदार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।
बकाया राशि की मांग को लेकर ठेकेदारों ने पिछले सप्ताह राजधानी रायपुर में नीर भवन का घेराव किया था, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकलने पर अब विधानसभा घेराव का निर्णय लिया गया है। इस प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में ठेकेदारों के शामिल होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि कई बार मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई।
उनका कहना है कि अनुबंध के बाद नए-नए नियम और शर्तें लागू कर ठेकेदारों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इसे विभाग में बढ़ती अफसरशाही का परिणाम बताते हुए कहा कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
















