चैनपुर में 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत छात्राओं को मिला करियर का नया रास्ता

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चैनपुर में 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत छात्राओं को मिला करियर का नया रास्ता

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत युवा कौशल दिवस के अवसर पर बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से शासकीय माध्यमिक शाला चैनपुर में कैरियर काउंसलिंग सत्र के दूसरे दिवस का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संतन देवी जांगड़े के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सहयोग से किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन जिला महिला सशक्तिकरण (हब) मिशन शक्ति की जिला मिशन समन्वयक तारा कुशवाहा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में बालिकाओं को उनके व्यक्तित्व विकास, करियर चयन, रोजगार के अवसर, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप सही विषय और पाठ्यक्रम का चयन कर वे भविष्य में बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं उनसे मिलने वाले लाभों की भी जानकारी प्रदान की गई।

जिला महिला सशक्तिकरण केन्द्र की जेंडर विशेषज्ञ शैलजा गुप्ता, वित्तीय साक्षरता समन्वयक अनीता कुमारी साह तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अंजनी यादव (पीएलवी) ने बालिकाओं को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित नोनी सुरक्षा योजना, सक्षम योजना, सखी निवास, शक्ति सदन, नारी अदालत, महतारी वंदन योजना, मातृ वंदन योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं नवा बिहान सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकार, सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता तथा कानूनी सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्राचार्य वैभव दुबे, शिक्षिका चेतना शर्मा, गोकुल राम साहू गुप्ता तथा सखी वन स्टॉप सेंटर की केन्द्र प्रशासक प्रियंका रजवाड़े का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सभी वक्ताओं ने बालिकाओं को शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने, आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य निर्धारित करने तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं के उज्ज्वल, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर भविष्य की कामना के साथ कैरियर काउंसलिंग सत्र का समापन किया गया।


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