उत्तराखंड में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में येलो चेतावनी


देश 07 August 2026
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उत्तराखंड में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में येलो चेतावनी

देहरादून, 07 अगस्त   उत्तराखंड में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार सात से 13 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। नौ से 11 अगस्त के दौरान वर्षा की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी वर्षा, भूस्खलन और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। लगातार बारिश के बीच चारधाम यात्रा मार्गों सहित अधिकांश राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुचारू है।

शुक्रवार को मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार अगले 24 घंटे में उत्तरकाशी,देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तीव्र से अति तीव्र वर्षा के दौर की भी चेतावनी दी गई है। हरिद्वार जिले में भी कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। आठ अगस्त को रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर में, नौ अगस्त को देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली,बागेश्वर और चंपावत में और 10 और 11 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत और उत्तरकाशी में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है।

मौसम विभाग ने लगातार वर्षा के मद्देनजर संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में हल्के से मध्यम भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर मलबा आने,नदी-नालों के उफान और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है। लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने तथा यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली के दौरान घरों के भीतर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की भी अपील की गई है।

मौसम विभाग के नवीनतम फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के अनुसार फिलहाल उत्तराखंड के किसी भी क्षेत्र को फ्लैश फ्लड के लिहाज से चिंता वाले क्षेत्र की श्रेणी में नहीं रखा गया है। देहरादून में शुक्रवार सुबह से आसमान पर काले बादलों का डेरा छाया हुआ है। राजधानी समेत राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है।

इस बीच राज्य में चारधाम यात्रा मार्गों सहित अधिकांश राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सामान्य बना हुआ है। ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-134, ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-34,ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-07, कर्णप्रयाग-थराली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग-109 के और तवाघाट-जुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।

हालांकि धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग कुलागाड़ के पास मलबा आने के कारण बंद है और उसे खोलने का कार्य जारी है। ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर तिलवाड़ा तथा बिजनौर-नजीबाबाद-कोटद्वार-सतपुली राष्ट्रीय राजमार्ग-119 पर दुगड्डा के पास मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। राज्य मार्गों में कालसी-चकराता मार्ग भी खोल दिया गया है, जबकि मर्चूला-सैरियाखेत-बैजरो-पोखरा-सतपुली-पौड़ी राज्य मार्ग के एक हिस्से पर यातायात अभी बाधित है और मार्ग खोलने का कार्य जारी है।

केंद्रीय जल आयोग की शुक्रवार सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर चेतावनी सीमा के करीब बना हुआ है। रिपोर्ट में अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी, गंगा और अन्य नदियों के विभिन्न निगरानी स्थलों पर जलस्तर दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक रुद्रप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर 626.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का स्तर 627 मीटर है। इसी तरह रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी का जलस्तर 622.70 मीटर दर्ज किया गया। देवप्रयाग में भागीरथी का जलस्तर 625.40 मीटर रहा, जबकि चेतावनी स्तर 625 मीटर निर्धारित है। वहीं टिहरी क्षेत्र में भागीरथी का जलस्तर 604.85 मीटर दर्ज किया गया। हरिद्वार क्षेत्र में भी गंगा का जलस्तर निगरानी में है। आयोग की रिपोर्ट में हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 549.44 मीटर दर्ज किया गया है।

पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक 127.5 मिमी वर्षा खानपुर में, 108 मिमी रुड़की में और 98 मिमी रोशनाबाद में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा लक्सर में 97 मिमी, भगवानपुर में 89 मिमी, बड़कोट में 80 मिमी, त्यूणी में 78.2 मिमी, कीर्तिनगर में 70 मिमी, चकराता और उत्तरकाशी में 66-66 मिमी और धनोल्टी और घनसाली में 60-60 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नई टिहरी में 52.5 मिमी, ऋषिकेश में 25.5 मिमी और देहरादून में 22.5 मिमी वर्षा हुई, जबकि कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में भी वर्षा दर्ज की गई।

राज्य प्रशासन और मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की गई है।--

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