प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की है। राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के वित्तीय बोझ को कम करना है। उन्होंने कहा कि यह शीर्ष शिक्षकों के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि इससे मध्यमवर्गीय परिवारों के कोचिंग पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपये बचेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इससे वे वैश्विक एआई क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकेंगे। श्री मोदी ने कहा कि देश को तीन बातों पर ध्यान देना होगा - लागत, गुणवत्ता और कौशल।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच से पंद्रह वर्ष की आयु के बच्चों में प्रतिभा की पहचान करने के लिए गांवों, शहरों और स्कूलों में प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचाना जाएगा और उन्हें देश के लिए अच्छे खिलाड़ी बनने में मदद करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज भारत खेल जगत में अपना स्थान बना रहा है। श्री मोदी ने कहा कि 2030 में भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा।















