इतिहास के पन्नों में 21 अगस्त : शास्त्रीय संगीत में शहनाई को पहचान दिलाने वाले उस्ताद बिस्मिल्लाह खां


देश 20 August 2026
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इतिहास के पन्नों में 21 अगस्त : शास्त्रीय संगीत में शहनाई को पहचान दिलाने वाले उस्ताद बिस्मिल्लाह खां

21 अगस्त को उस महान शख्सियत की पुण्यतिथि मनाई जाती है, जिसने शहनाई की मधुर धुन से भारतीय संगीत को पूरी दुनिया में नई पहचान दिलाई। उन्होंने न केवल भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं बल्कि शहनाई को शास्त्रीय संगीत के प्रमुख वाद्य के रूप में प्रतिष्ठित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हम बात कर रहे हैं महान शहनाई वादक 'उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की, जिनका नाम भारतीय संगीत जगत में बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है।

उन्होंने अपना जीवन शहनाई और संगीत की साधना को समर्पित कर दिया था और शहनाई को अपनी ‘बेगम’ कहा करते थे। अपनी अद्भुत प्रतिभा और साधना के बल पर उन्होंने देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में शहनाई की मधुर तान से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने फिल्मों के लिए भी शहनाई वादन किया और ‘सन्नादी अपन्ना’, ‘गूंज उठी शहनाई’ तथा सत्यजीत रे की ‘जलसाघर’ जैसी फिल्मों में अपनी कला का जादू बिखेरा।

15 अगस्त, 1947 को देश की स्वतंत्रता के अवसर पर उन्होंने लाल किले से शहनाई की मधुर धुन के माध्यम से आज़ादी का स्वागत किया था। स्वतंत्र भारत के पहले गणतांत्रिक उत्सवों से जुड़ी उनकी शहनाई की धुन ने उन्हें राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा बना दिया। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद शहनाई वादन की परंपरा भी लंबे समय तक उनके नाम से जुड़ी रही।

बिस्मिल्लाह खां और भारत की आजादी का भी ऐतिहासिक रिश्ता रहा है। 1947 में आजादी के अवसर पर जब लालकिले पर देश का झंडा फहरा रहा था तब उनकी शहनाई भी वहां आजादी का संदेश बांट रही थी। तब से लगभग हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री के भाषण के बाद बिस्मिल्ला खां का शहनाई वादन एक प्रथा बन गई।

संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्म विभूषण सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। वर्ष 2001 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। 21 अगस्त 2006 को उनके निधन से भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत ने एक अनमोल रत्न खो दिया।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र1915: पहले विश्वयुद्ध के दौरान इटली ने तुर्की के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।1944: अमरीका, ब्रिटेन, रूस और चीन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र के संगठन की योजनाओं को लेकर मुलाकात की।

1959: हवाई अमेरिका का 50वां प्रांत बना।

1968: चेकोस्लोवाकिया के स्थानीय रेडियो द्वारा पराग्वे पर सोवियत संघ के नेतृत्व में हमले की घोषणा।

1986: कैमरून में ज्वालामुखी विस्फोट से निकली जहरीली गैस के कारण लगभग 2000 लोगों की मौत हो गई।

1988: भारत-नेपाल सीमा पर आये तीव्र भूकंप से एक हज़ार लोगों की मौत।

1997: पूर्वी चीन में चक्रवाती तूफ़ान विन्नी से 140 लोगों की मौत और तीन हजार लोग घायल।2005: बांग्लादेश और भारत की सीमा सुरक्षा बल के जवानों के बीच संघर्ष विराम का समझौता सम्पन्न।

2006: भारत रत्न से सम्मानित प्रख्यात शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान का निधन।

2008: मून मिशन पर भारत ने नासा से हाथ मिलाया।

2012: अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो में इबोला वायरस के संक्रमण से 20 लोगों की जान गई।

2013-मलेशिया में चिन स्वी मंदिर के समीप बस हादसे में 37 लोग मारे गए और 16 घायल लोग हुए।

2014- राफा में इजरायली हवाई हमले में हमास के तीन शीर्ष कमांडर मारे गए।

जन्म

1910 - नारायण श्रीधर बेन्द्रे - प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार थे।

1927 - बी. सत्य नारायण रेड्डी - एक स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी नेता और उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल।

1931 - सुधाकर राव नाईक - कांग्रेस के नेता थे।

1949 - अहमद पटेल - कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता थे।

1953 - शैलेश नायक - भारतीय वैज्ञानिक।

1961- वी. बी. चंद्रशेखर- पूर्व भारतीय क्रिकेटर।

1979 - पेमा खांडू - अरुणाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं।

निधन

1931 - विष्णु दिगम्बर पलुस्कर- प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे।

1978 - वीनू मांकड़ - भारत के महान क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक थे।

1995 - सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर - भौतिक विज्ञानी थे।।

2006 - उस्ताद बिस्मिल्ला खां- 'भारत रत्न' से सम्मानित प्रख्यात शहनाई वादक।

2009 - बाबूलाल गौर - मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री।

2021 - कल्याण सिंह- प्रसिद्ध भारतीय राजनीतिज्ञ, उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल थे।

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