एआईआईबी की अध्यक्ष ज़ू जियायी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचीं।


देश 11 September 2026
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एआईआईबी की अध्यक्ष ज़ू जियायी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचीं।

एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की अध्यक्ष जू जियायी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच गई हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी यह यात्रा सतत विकास को आगे बढ़ाने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने हेतु साझेदारियों को मजबूत करेगी।

एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की अध्यक्ष जू जियायी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच गई हैं। उनकी भारत यात्रा को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग, सतत विकास और बुनियादी ढांचा निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से उनके भारत आगमन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा सतत विकास को आगे बढ़ाने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से साझेदारियों को और मजबूत करेगी। एआईआईबी एशिया और अन्य उभरते क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय संस्था के रूप में काम करता है। ऐसे में ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच पर बैंक की अध्यक्ष की भागीदारी विकासशील देशों की प्राथमिकताओं और वैश्विक वित्तीय सहयोग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। ब्रिक्स समूह में प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका को मजबूत करने के लिए सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। शिखर सम्मेलन के दौरान सतत बुनियादी ढांचे, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन, कनेक्टिविटी और विकास के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। जू जियायी की मौजूदगी से एआईआईबी और ब्रिक्स देशों के बीच परियोजनाओं तथा निवेश के नए अवसरों पर विचार-विमर्श को गति मिल सकती है। विशेष रूप से विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए आधुनिक परिवहन व्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, जल प्रबंधन और डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। इस संदर्भ में बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत भी बुनियादी ढांचे के विकास, हरित ऊर्जा और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि पर विशेष जोर दे रहा है। इसलिए जू जियायी की यात्रा भारत और एआईआईबी के बीच सहयोग को व्यापक बनाने के साथ-साथ अन्य ब्रिक्स देशों के साथ संयुक्त विकास परियोजनाओं की संभावनाओं को तलाशने का अवसर प्रदान कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी उच्चस्तरीय भागीदारी वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने और विकासशील देशों की वित्तीय तथा विकास संबंधी जरूरतों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक प्रभावी ढंग से उठाने में सहायक हो सकती है। कुल मिलाकर, जू जियायी का नई दिल्ली आगमन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आर्थिक एवं विकासात्मक सहयोग को नई दिशा देने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक साझेदारियों को मजबूत करने की संभावनाओं को रेखांकित करता है।

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