सर्वाइकल कैंसर से लड़ाई में तेज हुई स्क्रीनिंग और टीकाकरण

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सर्वाइकल कैंसर से लड़ाई में तेज हुई स्क्रीनिंग और टीकाकरण

 देश में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल के अनुसार 17 फरवरी 2026 तक 8.73 करोड़ महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर के लिए स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

देशभर में एचपीवी टीकाकरण अभियान

सरकार ने 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए देशभर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान शुरू किया है। यह टीकाकरण सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में किया जा रहा है, जिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उप-जिला अस्पताल, जिला अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल शामिल हैं।

एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव में प्रभावी माना जाता है और इसे संभावित संक्रमण से पहले देने की सिफारिश की जाती है।

कैंसर मामलों का अनुमान

राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार 2021 से 2025 के बीच देश में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

  • 2021 में अनुमानित मामले: 76,898

  • 2025 तक अनुमानित मामले: 79,239

इसी अवधि में मृत्यु के मामलों में भी वृद्धि का अनुमान है।

  • 2021 में अनुमानित मौतें: 41,523

  • 2025 तक अनुमानित मौतें: 42,789

रोकथाम पर सरकार का जोर

सरकार का कहना है कि स्क्रीनिंग, टीकाकरण और जागरूकता अभियान के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर के मामलों और मृत्यु दर को कम करने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।

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