विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आज कहा कि विकास सहयोग भारत और जमैका के बीच साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ बना हुआ है। डॉ. जयशंकर जमैका की विदेश मंत्री कामिना जॉनसन स्मिथ और अन्य कैबिनेट सदस्यों के साथ अपनी बैठक के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। विदेश मंत्री ने कहा कि वार्ता व्यापक और सार्थक रही, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं को शामिल किया गया और सहयोग को और मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे गए।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए और डिजिटल परिवर्तन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, खेल और डिजिटल भुगतान जैसे क्षेत्रों में हाल ही में संपन्न हुए समझौता ज्ञापनों के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा की ताकि जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें। डॉ. जयशंकर ने इस वर्ष मार्च में किटसन टाउन में ग्रामीण आजीविका सुधार परियोजना के सफल समापन और हस्तांतरण पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष के तहत भारत की एक मिलियन डॉलर की सहायता से कार्यान्वित की गई थी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आज जमैका के किंग्स्टन स्थित वेस्ट इंडीज विश्वविद्यालय में 'परिवर्तनशील दुनिया' और भारत की प्रतिक्रिया विषय पर भी भाषण दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में डॉ. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने वैश्विक दक्षिण, सुधारित बहुपक्षवाद और बहुध्रुवीयता से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
















