बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी से जुड़े कर्मचारियों के नियमितीकरण और वेतन भुगतान मामले में एक अहम टिप्पणी करते हुए यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को जल्द नियमित पद के अनुरूप वेतन भुगतान देने का निर्देश जारी किया है। दरअसल यह मामला लंबे समय से चल रहे नियमितीकरण विवाद और अदालत के आदेशों के पालन नहीं होने से जुड़ी अवमानना याचिका का है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2023 में पारित आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय अब तक कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी का पूरा लाभ नहीं दे रहा है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट ने 6 मार्च 2023 को पारित आदेश में स्पष्ट रूप से कहा था कि कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी माना जाएगा तथा उनकी सेवाओं का नियमितीकरण 26 अगस्त 2008 से प्रभावी माना जाएगा और उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह ही सभी लाभ दिए जाने थे। बताया गया कि विश्वविद्यालय की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) और पुनर्विचार याचिका भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है, इसके बावजूद आदेश का पूर्ण पालन नहीं किया गया। मामले में विश्वविद्यालय की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारियों का नियमितीकरण कर दिया गया है, लेकिन कुछ दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अभी बाकी है।











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