नारायणपुर
। छत्तीसगढ़
के नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत सुरक्षा बलों को
बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, आईटीबीपी और बीएसएफ की
संयुक्त टीम ने नक्सलियों के छिपाए गए डंप का पता लगाकर वहां से एक करोड़ रुपये से
अधिक नकद राशि, अत्याधुनिक
हथियार, गोला-बारूद
और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई को नक्सल नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा
बलों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस
अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत खुफिया तंत्र की
मदद से यह अभियान सफल हो पाया। पिछले एक महीने से सुरक्षा बल जिले के सुदूर और
संवेदनशील इलाकों में लगातार सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चला रहे थे। इसी
दौरान अलग-अलग स्थानों पर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों
के डंप का खुलासा हुआ।
संयुक्त कार्रवाई में AK-47, एसएलआर, .303 और .315 रायफल सहित कई हथियार बरामद किए गए हैं। इसके अलावा
भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, मैगजीन, बीजीएल सेल, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कॉर्डेक्स
वायर, वायरलेस सेट, वॉकीटॉकी और अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की गई।
सुरक्षा बलों को नक्सली वर्दियां, बैटरियां और
दैनिक उपयोग का अन्य सामान भी मिला है।
सुरक्षा
एजेंसियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों की लॉजिस्टिक सप्लाई चेन, हथियार नेटवर्क और आईईडी निर्माण क्षमता को बड़ा
नुकसान पहुंचा है। एसपी रोबिनसन गुड़िया के अनुसार वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में कुल 270 हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जो क्षेत्र में नक्सल प्रभाव कमजोर होने और सुरक्षा
व्यवस्था मजबूत होने का संकेत माना जा रहा है।
पुलिस ने आम
नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सामग्री की
जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें, ताकि क्षेत्र को नक्सलमुक्त बनाने के अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।











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