कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति राजा शेखर मन्था और न्यायमूर्ति राय चटोपाध्याय की खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल में आर.जी. कर दुष्कर्म तथा हत्या के मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।
आज सुनवाई के दौरान सी.बी.आई. ने बन्द लिफाफे में प्रगति रिपोर्ट सौंपी। पीड़ित परिवार के वकील ने कहा कि एजेंसी ने कोई भी नई जांच नहीं की है। न्यायमूर्ति मन्था ने कहा कि अन्य विचाराधीन मामलों के कारण इस मामले में पर्याप्त समय नहीं दिया जा सकता और इसे मुख्य न्यायाधीश के पास ले जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मामले के लिए आयोग गठित किया जा सकता है। पूरे राज्य की नज़र इस मामले पर टिकी होने के साथ पीठ ने निष्पक्ष सुनवाई के लिए इस मामले से अलग होने का फैसला लिया है।
इससे पहले भी कई न्यायाधीश मामले की सुनवाई से अलग हुए हैं।











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