फ्लाइंग व्हेल्स भारत में बनाएगी मैन्युफैक्चरिंग हब, वित्त मंत्री सीतारमण से हुई अहम बैठक


विदेश 03 July 2026
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फ्लाइंग व्हेल्स भारत में बनाएगी मैन्युफैक्चरिंग हब, वित्त मंत्री सीतारमण से हुई अहम बैठक

 फ्रांस की एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स भारत में अपना विनिर्माण इकोसिस्टम स्थापित करेगी। इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को पेरिस में कंपनी के अध्यक्ष सेबेस्टियन बोगॉन के साथ बैठक कर निवेश और संभावित सहयोग पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।

भारत में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग पर चर्चा

बैठक के दौरान सेबेस्टियन बोगॉन ने वित्त मंत्री को फ्लाइंग व्हेल्स की दुनिया भर में संचालित सतत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी की तकनीक दूर-दराज और भू-आवेष्ठित क्षेत्रों के आर्थिक विकास में मदद करती है तथा माल ढुलाई के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव को भी कम करती है। उन्होंने कहा कि फ्लाइंग व्हेल्स अपने पूरे मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को भारत में स्थापित कर देश को इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाना चाहती है।

सीतारमण ने निवेश का किया स्वागत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनी की भारत में निवेश की योजना का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत में फ्लाइंग व्हेल्स जैसी कंपनियों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं और कंपनी को देश के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने गुजरात के गिफ्ट सिटी स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी (आईएफएससीए) और जहाज व विमान लीजिंग तथा मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस (एमआरओ) से जुड़े नियामकीय ढांचे की जानकारी भी दी।

बीएलपी ग्रुप के साथ पहले ही हो चुकी है साझेदारी

गौरतलब है कि फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के बीएलपी ग्रुप ने 2 अप्रैल 2026 को रणनीतिक साझेदारी के पहले चरण की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य भारत में भारी माल ढुलाई करने वाले एयरशिप के निर्माण के लिए मजबूत विनिर्माण इकोसिस्टम विकसित करना है। दोनों कंपनियों ने एलसीए60टी एयरशिप को एशिया और मध्य-पूर्व के बाजारों के लिए भारत में असेंबल करने की योजना भी पेश की थी।

एलसीए60टी एयरशिप की विशेषताएं

करीब 200 मीटर लंबा और हीलियम गैस से संचालित एलसीए60टी एयरशिप एक बार में 60 टन तक माल ढोने में सक्षम है। इसका उपयोग पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विंड टर्बाइन ब्लेड, बिजली ट्रांसमिशन टावर, एयरोस्पेस उपकरण और अन्य भारी सामान को दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचाने में किया जा सकता है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और सैन्य सामग्री की आपूर्ति में भी यह उपयोगी साबित हो सकती है।

बीएनपी पारिबा के अधिकारियों से भी हुई मुलाकात

पेरिस दौरे के दौरान वित्त मंत्री ने बीएनपी पारिबा ग्रुप के डिप्टी सीईओ और कॉरपोरेट एवं इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यान जेरार्डिन से भी मुलाकात की। जेरार्डिन ने भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए भरोसेमंद निवेश गंतव्य बताया और देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की सराहना की। वित्त मंत्री ने उन्हें बताया कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों के लिए समिति गठित कर रही है और इस संबंध में उनके सुझाव भी आमंत्रित किए। 

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