पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज जनता को आश्वस्त किया कि मई महीने में पड़ने वाली भीषण गर्मी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान और लू की स्थिति हो सकती है, लेकिन यह पूरे देश में एक समान नहीं होगी।
उन्होंने आगे कहा कि समय पर तैयारी करने और भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी सलाहों का पालन करने से स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि मई के दूसरे और चौथे सप्ताह में अपेक्षाकृत अधिक तापमान रहने की संभावना है, जिससे उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी तट पर भी लू चलने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
हालांकि, पहले और तीसरे सप्ताह के दौरान, पश्चिमी विक्षोभ और गरज-चमक से जुड़ी बारिश और बादल छाए रहने के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। मंत्री ने यह भी बताया कि रात के समय तापमान बढ़ने से गर्मी से होने वाली असुविधा बढ़ सकती है, खासकर शहरी और तटीय क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अल नीनो-दक्षिणी दोलन की स्थिति तटस्थ है, और दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में अल नीनो के विकसित होने की संभावना है।
डॉ. सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार गर्मी से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर समन्वित प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने नागरिकों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, भीषण गर्मी के समय लंबे समय तक धूप में रहने से बचने और कमजोर लोगों का ख्याल रखने का आग्रह किया।














