जनता के बढ़ते विश्वास ने पीएम मोदी को बनाया सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला प्रधानमंत्री: सीआर पाटिल


देश 11 June 2026
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जनता के बढ़ते विश्वास ने पीएम मोदी को बनाया सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला प्रधानमंत्री: सीआर पाटिल

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का रिकॉर्ड ऐसा होगा, जिसे भविष्य में कोई नहीं तोड़ सकता। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, सरकार के लंबे कार्यकाल और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने विपक्ष की भूमिका, राजनीतिक तुलना, पीएम मोदी को मिले जन-समर्थन और सिंधु जल समझौते जैसे महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों पर सरकार के रुख को सामने रखा।

सवाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि को आप किस रूप में देखते हैं?

जवाब: मुझे लगता है कि इतने लंबे समय तक काम करने की वजह लोगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विश्वास का बढ़ना है। इसी कारण वे जितना कार्यकाल अभी पूरा करेंगे, उस रिकॉर्ड को भविष्य में कोई भी नहीं तोड़ पाएगा।

सवाल: प्रधानमंत्री मोदी के लगातार लंबे कार्यकाल के पीछे सबसे बड़े कारण क्या हैं? जनता का भरोसा उन पर लगातार क्यों बना हुआ है?

जवाब: क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें अपने लिए कुछ नहीं चाहिए। उन्हें सिर्फ देश और देश की जनता के लिए और गरीबी को दूर करने के लिए काम करना है। इसी कारण से लोगों का उनके प्रति भाव, श्रद्धा और अपेक्षा बढ़ती रही है। लोगों की सभी अपेक्षाओं को पूरा करने में एक व्यक्ति ही सक्षम हैं, यह पूरा देश मानता है।

सवाल: अगर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की तुलना जवाहरलाल नेहरू या गांधी परिवार के नेतृत्व से की जाए, तो सबसे बड़ा अंतर आप क्या देखते हैं?

जवाब: जब देश आजाद हुआ और पहली बार में चुनाव नहीं हुआ था। इसलिए 5 साल जवाहरलाल नेहरू को मिल गए। उस समय कांग्रेस देश की स्वतंत्रता के लिए एक माध्यम था, लेकिन उसे पार्टी बना दिया गया। महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस को विसर्जित कर देना चाहिए। मगर उसे नहीं किया गया, बल्कि कांग्रेस को एक पार्टी बनाया गया। नरेंद्र मोदी ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने अपने बलबूते पर चुनाव जीते। डंके की चोट पर कहा कि मुझे प्रधानमंत्री बनना है। बाकी दूसरे प्रधानमंत्री अपनी पार्टी या अन्य राजनीतिक दल द्वारा बनाए गए। नरेंद्र मोदी अपनी ताकत पर प्रधानमंत्री बने। यह भी अपने आप में बहुत बड़ा रिकॉर्ड है।

सवाल: विपक्ष का आरोप है कि भाजपा मजबूत विपक्ष नहीं चाहती। वहीं भाजपा कहती है कि विपक्ष अपनी कमजोरियों के कारण बिखर रहा है। आप इस बहस को कैसे देखते हैं?

जवाब: विपक्ष को मजबूत बनाने का काम विरोधी दलों का है। अगर वे मजबूत नहीं हो सकते हैं, तो इसमें भाजपा क्या कर सकती है? विरोधी पार्टियों को अपने आप को संभालना होगा। वे सिर्फ मजबूती की बात कर रहे हैं, लेकिन मैं सोच रहा हूं कि राजनीति में उनका अस्तित्व बचेगा या नहीं। विपक्ष को इसकी चिंता करनी चाहिए।

सवाल: मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल के बाद भाजपा जनता के सामने अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि किसे मानती है?

जवाब: एक उपलब्धि के आधार पर हम पूरी बात नहीं कर सकते हैं। सैकड़ों-हजारों उपलब्धियां हैं। देश को सुरक्षित करना, नक्सल और आतंकवाद से मुक्ति, महिला, युवा, वरिष्ठ नागरिक और किसान समेत हर सेक्टर के लिए सरकार ने योजना बनाई। जनता को लाभान्वित किया। 25 करोड़ लोगों को मोदी सरकार ने गरीबी से बाहर निकाला है। आज भी 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जाता है। बीमारी में 5 लाख रुपए तक का खर्चा सरकार देती है। ऐसे बहुत से विकास के काम हैं। 12 करोड़ शौचालय बनाए और 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाने का काम किया। इसी तरह सभी कामों को गिनाएंगे तो कई घंटे लग जाएंगे। यही वजह है कि लोगों का विश्वास पीएम मोदी के प्रति बढ़ा है।

सवाल: भारत की ओर से सिंधु जल समझौते को स्थगित रखने के फैसले का वर्तमान स्टेटस क्या है?

जवाब: देखिए, जिस समय और जिस संयोग में वह समझौता हुआ था, वह गलत था। हमारे देश के लोगों के लिए पानी नहीं और हम दूसरे देश के लोगों को पानी दे दें, ऐसे समझौते ठीक नहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने उस समझौते को स्थगित किया। अब जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली को पानी की जरूरत है। इसलिए पीएम मोदी के निर्देश के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उस पर काम कर रहे हैं। सिंधु नदी का पानी हमारे देश के लोगों को मिलेगा, यह व्यवस्था की जा रही है।

सवाल: क्या सरकार का मानना है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं की हैं, इसलिए समझौते की समीक्षा जरूरी हो गई है?

जवाब: देखिए, पाकिस्तान ने आतंकवाद के ऊपर समीक्षा के बजाय उनका समर्थन किया है। कई बार यह साबित भी हुआ है। इसलिए समझौते पर सोचना और गौर करना बहुत जरूरी था। यह फैसला भी प्रधानमंत्री मोदी ही ले सकते हैं, जो करके भी दिखाया है।

सवाल: सिंधु जल समझौते के स्थगन से पाकिस्तान पर वास्तविक प्रभाव क्या पड़ सकता है?

जवाब: अगर पानी नहीं होगा, तो कई जगह के संकट सामने आ सकते हैं। पानी न मिल पाने के कारण पाकिस्तान में परेशानियां बढ़ेंगी और वहीं भारत में पानी की किल्लत दूर होगी।

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