भारत ने पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की स्थिति पर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की है। भारत का कहना है कि ये बयान पड़ोसी देश द्वारा अपनी नाकामियों को छुपाने और मानवाधिकारों के हनन से ध्यान हटाने के लिए किए गए बेताब प्रयास हैं। नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली इन मनगढ़ंत दावों को सिरे से खारिज करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीओके में चल रहे विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान की दशकों पुरानी उस नीति का सीधा परिणाम हैं, जिसके तहत अवैध और जबरन कब्जे वाले क्षेत्रों में व्यवस्थित आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित करना और प्रशासनिक दमन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सरकार ने अत्यधिक पुलिस बर्बरता, आवश्यक आपूर्ति और दवाओं की आपूर्ति में रुकावट, इंटरनेट बंद करने और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ घातक बल प्रयोग करके जवाब दिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके कुकर्मों और दुर्व्यवहारों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।
खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के संबंध में श्री जायसवाल ने जानकारी दी कि भारतीय ध्वज वाले दस जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। रणधीर जायसवाल ने बताया कि 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद से भारत की ओर जाने वाले 11 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजर चुके हैं।
इन जहाजों में 3 भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक में 2.85 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल भरा है, एक विदेशी ध्वज वाला एलपीजी वाहक, एक विदेशी ध्वज वाला कच्चे तेल का टैंकर और उर्वरक ले जाने वाले छह विदेशी ध्वज वाले बल्क कैरियर शामिल हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शेष भारतीय ध्वज वाले जहाज भी जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर सकेंगे।
कतर में हुए विस्फोट के बारे में श्री जायसवाल ने बताया कि इस विस्फोट में 12 भारतीय नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा कि इस घटना में कुल 66 लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। श्री जायसवाल ने कहा कि मृतकों के पार्थिव शरीर को स्वदेश वापस लाने से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए भारत कतर सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।
भारत-यूएई रक्षा साझेदारी पर प्रवक्ता ने कहा कि हाल के वर्षों में यूएई के साथ भारत के संबंधों में काफी मजबूती आई है, जिसमें रक्षा साझेदारी की भी अहम भूमिका है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश से देवी-देवताओं और उनकी मूर्तियों के अपमान की खबरें आ रही हैं, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश सरकार से वहां के चरमपंथियों पर लगाम लगाने और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद करता है।













