NSE
IPO Listing : भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में गुरुवार का दिन बेहद
ऐतिहासिक रहा, जब देश के सबसे बड़े एक्सचेंज नेशनल स्टॉक
एक्सचेंज (NSE) ने प्रतिद्वंद्वी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)
पर अपनी शुरुआत की. बीएसई पर एनएसई के शेयरों की शुरुआत थोड़ी सुस्त
रही और यह 1,785 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले महज 0.84
फीसदी के प्रीमियम के साथ 1,800 रुपये पर
लिस्ट हुआ.
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार बाजार खुलते ही खरीदारी का दौर
शुरू हुआ और कुछ ही देर में शेयर 5.14 फीसदी की बढ़त के
साथ 1,876.70 रुपये के स्तर तक पहुंच गया. इसके साथ ही एनएसई
अब आधिकारिक तौर पर एक पब्लिक ट्रेडेड कंपनी बन गया है.
34 लाख रिटेल निवेशकों को मिले शेयर, 36 लाख का हुआ परिवार
लिस्टिंग के भव्य समारोह में NSE के एमडी
और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस IPO में 34 लाख से अधिक खुदरा (रिटेल) निवेशकों को शेयर
आवंटित किए गए हैं. उन्होंने कहा, "अब हमारे पास 36
लाख शेयरधारकों का एक बड़ा परिवार है. एनएसई और इसके मिशन पर भरोसा
जताने के लिए हम पूरे निवेशक समुदाय के प्रति दिल से आभारी हैं."
वहीं, NSE के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेती ने कहा कि यह
लिस्टिंग संस्थान के लिए एक नए युग की शुरुआत है. उन्होंने कहा, "पीछे मुड़कर देखने पर हमें गर्व होता है, आज चारों
ओर देखकर आभार का भाव है और जब हम आगे देखते हैं, तो हमारे
ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी और जवाबदेही का अहसास होता है."
22,561 करोड़ का था मेगा IPO, 5.69 गुना हुआ था सब्सक्राइब
देश के सबसे बड़े पब्लिक इश्यूज में शुमार एनएसई का 22,561
करोड़ रुपये का यह आईपीओ 17 से 21 सितंबर के दौरान खुला था. इस दौरान इसे निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला
और यह कुल 5.69 गुना सब्सक्राइब हुआ. ऑफर पर रखे गए 8.86
करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 50.40 करोड़
शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं, जिसमें क्वालिफाइड
इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 12.68 गुना भरा था. यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) था,
जिसमें मौजूदा शेयरधारकों ने 12.64 करोड़
इक्विटी शेयर बेचे.
दो दशकों का सपना हुआ सच: BSE एमडी
इस ऐतिहासिक मौके पर बीएसई के प्रबंध निदेशक सुंदररमन राममूर्ति ने
एनएसई की लिस्टिंग को 'सपने का सच होना' बताया. दो
दशक तक एनएसई से जुड़े रहे राममूर्ति ने कहा कि बीएसई के मंच पर एनएसई का स्वागत
करना उनके लिए बड़े गर्व और सम्मान की बात है. वर्षों के लंबे इंतजार और रेगुलेटरी
मंजूरियों के बाद आखिरकार एनएसई की लिस्टिंग भारतीय फाइनेंशियल मार्केट के इतिहास
का एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है.














