पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें
सत्र में सऊदी अरब पर हूती हमलों की कड़ी निंदा की. उन्होंने मक्का की सुरक्षा और
पवित्रता को लेकर कहा कि इसके खिलाफ किसी भी तरह का खतरा स्वीकार नहीं किया जा
सकता. अपने भाषण में शरीफ ने पाकिस्तान-सऊदी अरब के नए रक्षा समझौते, अमेरिका-ईरान बातचीत और फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी पाकिस्तान का रुख सामने
रखा.
मक्का पर ड्रोन हमले को लेकर क्या बोले
शरीफ?
- शहबाज
शरीफ ने कहा कि सऊदी अरब पर हूती यों के हालिया हमले बेहद निंदनीय हैं.
उन्होंने खास तौर पर मक्का अल-मुकर्रमा को निशाना बनाए जाने के सऊदी दावे का
जिक्र किया.
- शरीफ
ने कहा कि मक्का की सुरक्षा और पवित्रता से जुड़ा कोई भी खतरा स्वीकार नहीं
किया जा सकता. उन्होंने इसे ऐसी ‘रेड लाइन’ बताया, जिसे पार
नहीं किया जाना चाहिए.
- हालांकि, मक्का को
ड्रोन से निशाना बनाए जाने के सऊदी दावे से हूती पक्ष ने इनकार किया है.
अमेरिका और ईरान जंग
में कूटनीतिक भूमिका पर जोड़
- पाकिस्तानी
प्रधानमंत्री ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने में पाकिस्तान की
कूटनीतिक भूमिका पर भी जोर दिया.
- उन्होंने
दावा किया कि पाकिस्तान ने दोनों देशों को बातचीत की मेज तक लाने के लिए
प्रयास किए और इस्लामाबाद में बातचीत के बाद कई अहम कदम उठाए गए.
- शरीफ
ने कहा कि पाकिस्तान का मकसद संघर्ष को बढ़ाना नहीं, बल्कि बातचीत
के जरिए समाधान तलाशना रहा है.
सऊदी अरब के साथ
रक्षा समझौते पर सफाई
- शहबाज
शरीफ ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए नए रक्षा समझौते का भी बचाव किया.
उनके मुताबिक यह समझौता किसी खास देश के खिलाफ नहीं है.
- पाकिस्तानी
अधिकारियों के अनुसार, मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में तीनों देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा
से जुड़ी प्रतिबद्धताएं शामिल हैं. शरीफ ने इसे रक्षा, स्थिरता
और शांति से जोड़ते हुए कहा कि इसका उद्देश्य टकराव बढ़ाना नहीं है.
इजरायल, लेबनान
और सीरिया पर साधा निशाना
फिलिस्तीन के मुद्दे पर शरीफ ने इजरायल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी
आलोचना की. उन्होंने इजरायल पर गाजा में ‘जनसंहार’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया
और लेबनान तथा सीरिया में इजरायली सैन्य कार्रवाई की भी निंदा की.
उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड
मार्शल असीम मुनीर को भी धन्यवाद दिया. शरीफ ने कहा कि उनके प्रयासों से मुश्किल
हालात में कूटनीति के लिए जगह बनाने में मदद मिली.

















