अंजलि अरोड़ा स्टारर फिल्म ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा- श्री राम
की’ रिलीज के बाद से ही चर्चा में है. फिल्म को लेकर पहले अंजलि अरोड़ा की
कास्टिंग पर सवाल उठे और अब एक प्रमोशनल पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.
इस पोस्टर में वानर सेना का एक सदस्य चश्मा पहने नजर आया. तस्वीर सामने आते ही
सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि आखिर त्रेतायुग में चश्मा
कहां से आ गया. देखते ही देखते यह तस्वीर मीम्स और ट्रोलिंग का हिस्सा बन गई. अब
इस पूरे विवाद पर फिल्म के मेकर्स ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और वायरल तस्वीर को
लेकर सफाई दी है.
चश्मे वाले वानर की तस्वीर से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, फिल्म रिलीज से पहले मेकर्स ने वानर सेना के
किरदारों से जुड़ा एक प्रमोशनल पोस्टर शेयर किया था. इसी पोस्टर में पीछे खड़े एक
वानर के चेहरे पर चश्मा दिखाई दिया. सोशल मीडिया यूजर्स की नजर जैसे ही इस छोटी सी
डिटेल पर पड़ी और लोगों ने इसे लेकर मजेदार कमेंट्स करना शुरू कर दिया.
कई यूजर्स ने सवाल किया कि त्रेतायुग में
जब आधुनिक चश्मे का अस्तित्व ही नहीं था. तब वानर सेना का सदस्य चश्मा कैसे पहन
सकता है. कुछ लोगों ने इसे फिल्म की बड़ी गलती बताया. वहीं कई यूजर्स ने इस पर
मीम्स बनाकर खूब मजे लिए.
मेकर्स बोले- ‘फिल्म का सीन नहीं है’
अब मेकर्स ने इस वायरल तस्वीर पर सफाई देते हुए कहा है कि जिस
तस्वीर को फिल्म का सीन बताकर शेयर किया जा रहा है. वह असल में थिएटर में दिखाई गई
फिल्म का फ्रेम नहीं है. टीम के मुताबिक, यह एक
प्रमोशनल आर्टवर्क है.
मेकर्स ने
उन लोगों को चुनौती भी दी है जो इसे फिल्म का सीन बता रहे हैं. उनका कहना है कि
अगर किसी को वाकई फिल्म में चश्मा पहने हुए वानर का सीन मिला है. तो वह थिएटर के
अंदर से उसका वास्तविक स्क्रीनशॉट शेयर करे. साथ ही फिल्म में वह सीन किस जगह और
किस टाइम कोड पर है. इसकी जानकारी भी दी जाए, मेकर्स ने कहा कि अगर ऐसा फुटेज सामने आता है, तो वे उस पर सार्वजनिक तौर पर जवाब देंगे. महाकाव्य श्री रामायण
कथा’ को लेकर यह पहला विवाद नहीं है. फिल्म में माता सीता का किरदार निभा रहीं
अंजलि अरोड़ा की कास्टिंग को लेकर भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी. अंजलि
सोशल मीडिया पर अपने वायरल वीडियोज और ‘कच्चा बादाम’ से पहचान बना चुकी हैं. ऐसे
में जब उन्हें माता सीता के किरदार में कास्ट किया गया