उत्तर कोरिया ने पनडुब्बियों से दागे जाने वाली क्रूज मिसाइलों का परीक्षण करने की बात कही है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब वाशिंगटन और सियोल के साथ कूटनीतिक गतिरोध के बीच प्योंगयांग अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने बताया कि सेना ने कल देश के पूर्वी जलक्षेत्र में दो प्रकार की मिसाइलों का परीक्षण किया। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इन्हें किसी वास्तविक पनडुब्बी से दागा गया था या किसी पानी के भीतर स्थित परीक्षण मंच से। दक्षिण कोरिया की सेना ने इन परीक्षणों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार करने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए पनडुब्बियों से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइलों के परीक्षण की घोषणा की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ प्योंगयांग के कूटनीतिक संबंधों में गतिरोध बना हुआ है। उत्तर कोरिया की इस गतिविधि को उसकी रक्षा तैयारियों और समुद्र के भीतर से हमला करने की क्षमता विकसित करने के प्रयासों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार, देश की सेना ने एक दिन पहले पूर्वी जलक्षेत्र में दो प्रकार की मिसाइलों का परीक्षण किया। हालांकि, रिपोर्ट में परीक्षण से जुड़ी सभी तकनीकी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गईं। विशेष रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मिसाइलों को किसी वास्तविक पनडुब्बी से प्रक्षेपित किया गया था या पानी के भीतर स्थापित किसी परीक्षण मंच का इस्तेमाल किया गया था। यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि वास्तविक पनडुब्बी से प्रक्षेपण की पुष्टि होने पर उत्तर कोरिया की समुद्री सैन्य क्षमताओं के आकलन के लिए अधिक ठोस जानकारी मिल सकती है।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने बताया कि इन परीक्षणों का उद्देश्य पानी के भीतर इस्तेमाल होने वाली युद्ध प्रणालियों की तैयारियों का आकलन करना और नौसेना को रणनीतिक अभियानों के संचालन में अधिक दक्ष बनाना था। एजेंसी ने दावा किया कि परीक्षणों से देश की प्रतिरोधक क्षमता और हथियार प्रणालियों की विश्वसनीयता प्रदर्शित हुई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षण के दौरान वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे

















