बीएसपी को चेतावनी: 'भिलाई उजड़ने नहीं देंगे', रिटेंशनधारियों ने तीन चरणों के आंदोलन का ऐलान

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बीएसपी को चेतावनी: 'भिलाई उजड़ने नहीं देंगे', रिटेंशनधारियों ने तीन चरणों के आंदोलन का ऐलान

भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के रिटेंशनधारियों ने मकान खाली कराने की कार्रवाई के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। बीएसपी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और रिटेंशनधारियों के नेता सुरेशचंद ने बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि भिलाई को उजड़ने नहीं दिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो इसके लिए जान तक कुर्बान करने से पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने बताया कि आंदोलन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में घर-घर जाकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, दूसरे चरण में रैली और प्रदर्शन किए जाएंगे, जबकि तीसरे चरण में धरना और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी।

"चुनाव आते ही लीज का जिन्न निकलता है"
सुरेशचंद ने कहा कि हर चुनाव से पहले राजनीतिक दल लीज का मुद्दा उठाकर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "9 दिन और 90 दिन में लीज लाने के वादे पूरी तरह फेल साबित हुए हैं।"

उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जनता से साफ कहा था कि "लीज कोमा में है, नहीं आएगी।" उनके अनुसार पाण्डेय ही भिलाई की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं।

बीएसपी पर उत्पीड़न का आरोप
रिटेंशनधारियों ने आरोप लगाया कि बीएसपी प्रबंधन सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर जबरन मकान खाली कराने का दबाव बना रहा है। उन्होंने सेक्टर-10 निवासी सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. शशि कुमार के मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनके घर की बिजली काट दी और परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया। इस मामले में पुलिस और बीएसपी प्रबंधन से शिकायत की गई है। कार्रवाई नहीं होने पर कोतवाली थाने का घेराव करने की चेतावनी भी दी गई।

सरकारी दर पर मकान देने की मांग
सुरेशचंद ने कहा कि बीएसपी टाउनशिप को यदि सरकार को सौंपा जाता है तो सबसे पहला अधिकार उन कर्मचारियों का होना चाहिए, जिन्होंने अपना पूरा जीवन संयंत्र के लिए समर्पित किया है। उन्होंने मांग की कि मकान बाजार मूल्य पर नहीं, बल्कि सरकारी दर पर रिटेंशनधारियों को दिए जाएं।

उन्होंने आरोप लगाया कि थर्ड पार्टी को कम दर पर आवास दिए जा रहे हैं, जबकि रिटेंशनधारियों से अधिक किराया वसूला जा रहा है। साथ ही सेवानिवृत्ति के समय जमा कराई गई लाखों रुपये की राशि पर ब्याज भी नहीं दिया जा रहा।

निगम चुनाव में असर की चेतावनी

रिटेंशनधारियों ने साफ कहा कि जो जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़ा होगा, आगामी निगम चुनाव में उसे समर्थन मिलेगा। वहीं उनकी मांगों की अनदेखी करने वालों का चुनाव में विरोध किया जाएगा।

प्रेसवार्ता में मोहम्मद रफीक, टी.एस. राजपूत, सुमन कन्नौजे, एस.के. खांडे सहित बड़ी संख्या में रिटेंशनधारी मौजूद रहे।

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