दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज अधिकारियों को कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की दैनिक निगरानी करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि जीवन अनमोल है। श्री वांगचुक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि श्री वांगचुक की स्थिति की नियमित रूप से सरकारी डॉक्टरों द्वारा जांच की जानी चाहिए।
केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन अनमोल है और वांगचुक की नियमित चिकित्सा जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं है।।













